उदयपुर : सुरक्षित समुदायों के निर्माण में सहयोग देने और 2050 तक टकराव-मुक्त समाज के होंडा के वैश्विक विज़न की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए, होंडा इंडिया फाउंडेशन जो भारत में होंडा समूह की सभी कंपनियों की सीएसआर इकाई है,ने अपने ‘सड़क सहायक: सुरक्षित मार्ग, सुरक्षित जीवन’प्रोजेक्ट के तहत उदयपुर पुलिस को 25 विशेष रूप से सुसज्जित होंडा शाइन 100 क्विक रिस्पॉन्स टीमवाहन सौंपे। यह पहल होंडा इंडिया फाउंडेशनके व्यापक रोड सेफ्टी और कम्युनिटी वेलफेयर प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में सुरक्षित सड़कों का निर्माण करना और सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाना है।
रोड सेफ्टी पहलों को मजबूत करने के लिए कुल 300 होंडा क्विक रिस्पॉन्स टीमवाहन गुजरात, चंडीगढ़, कर्नाटक, राजस्थान (जयपुर) और लखनऊ पुलिस को सौंपे गए। यह सहयोग रोड सेफ्टी और कम्युनिटी रेज़िलिएंस को आगे बढ़ाने के लिए होंडा इंडिया फाउंडेशन के पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप पर निरंतर फोकस को दर्शाता है।यह पहल सुरक्षित सड़कों और बेहतर प्रबंधित ट्रैफिक इकोसिस्टम के लिए साझा विज़न को रेखांकित करती है।
QRT वाहनों के हस्तांतरण को चिह्नित करने के लिए आयोजित यह समारोह गुलाब चंद कटारिया, माननीय राज्यपाल, पंजाब एवं प्रशासक, यू.टी. चंडीगढ़, नमित मेहता, आईएएस, जिला कलेक्टर, उदयपुर, गौरव श्रीवास्तव, आईपीएस, पुलिस महानिरीक्षक, उदयपुर, योगेश गोयल, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक, उदयपुर, राजीव तनेजा, ऑपरेटिंग ऑफिसर, होंडा इंडिया फाउंडेशन तथा प्रभु नागराज, ऑपरेटिंग ऑफिसर, कॉरपोरेट अफेयर्स, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इसके साथ ही उदयपुर पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और एचएमएसआई के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
होंडा शाइन 100 पर आधारित ये क्विक रिस्पॉन्स टीमवाहन रिवॉल्विंग फ्लैशर और ब्लिंकर्स, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, सायरन, फ्लैशलाइट, साइड और रियर स्टोरेज बॉक्स तथा दो होंडा सेफ्टी हेलमेट्स से लैस हैं। ये सुविधाएं पुलिस टीमों को अधिक भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में तेज़ी से प्रतिक्रिया देने में मदद करती हैं। इन वाहनों का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करना और पुलिस कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों को प्रभावी और सुरक्षित तरीके से निभाने के लिए बेहतर साधन उपलब्ध कराना है। मोबिलिटी और फुर्ती को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए ये वाहन अधिकारियों की महत्वपूर्ण स्थानों तक जल्दी पहुंचने की क्षमता बढ़ाते हैं, जिससे जीवन बचाने, चोटों को कम करने और ज़मीनी स्तर पर कानून व्यवस्था की कार्यकुशलता में सुधार होता है।