ग्राम उत्थान शिविर में साकार हुए सपने, पीएम आवास से बदली माधाराम की जिंदगी

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Published on : 06 Feb, 26 16:02

ग्राम उत्थान शिविर में साकार हुए सपने, पीएम आवास से बदली माधाराम की जिंदगी

     जैसलमेर। राज्य सरकार के निर्देशानुसार पंचायत समिति मोहनगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवा में 6 फरवरी, शुक्रवार को आयोजित ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीण विकास एवं जनकल्याण का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। गांव के खुले आकाश, हल्की ठंडी हवा और उत्साह से भरे ग्रामीणों के बीच आयोजित इस शिविर ने न केवल समस्याओं का समाधान किया, बल्कि कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियों की किरण भी जगाई।

        शिविर में 11 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। शिविर प्रभारी एवं विकास अधिकारी, पंचायत समिति मोहनगढ़ नाथूसिंह, सहायक शिविर प्रभारी हरीरामजी, प्रशासक गफूर खान जंज, ग्राम विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र शर्मा एवं पशु चिकित्सा अधिकारी ममता चंदेल के नेतृत्व में शिविर का सफल संचालन हुआ।

       कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और यादगार क्षण वह था जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों को उनके नए पक्के घरों की चाबियाँ सौंपी गईं। जनसम्पर्क अधिकारी जैसलमेर प्रवीण प्रकाश चौहान ने राज्य सरकार के निर्देशानुसार लाभार्थियों को गृह प्रवेश करवाते हुए चाबी प्रदान की एवं मुंह मीठा कराकर उनकी नई जिंदगी की शुरुआत का उत्सव मनाया।

        इन्हीं लाभार्थियों में से एक थे ग्राम देवा निवासी मेहनती किसान माधाराम पुत्र सोनाराम, जिनकी कहानी संघर्ष, धैर्य और उम्मीद की मिसाल है। वर्षों तक माधाराम अपने परिवार के साथ एक कच्चे एवं जर्जर घर में रहते रहे। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता, सर्दियों में ठंडी हवाएं घर में घुस जातीं और गर्मियों में तेज धूप से घर तपने लगता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।

        दिनभर खेतों में मेहनत करना, मजदूरी करना और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना ही उनका जीवन था। उनकी पत्नी और बच्चों ने भी हर कठिनाई में उनका साथ दिया, लेकिन मन में एक सपना हमेशा जिंदा रहा, अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और पक्का घर।

        जब गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी पहुंची, तो माधाराम ने पूरे विश्वास के साथ आवेदन किया। दस्तावेज जमा करना, सर्वे एवं सत्यापन जैसी लंबी प्रक्रिया से गुजरते हुए कई बार निराशा का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। अंततः उनकी मेहनत और धैर्य रंग लाया एवं उनका नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल हो गया।

        ग्राम उत्थान शिविर में जब उनका नाम पुकारा गया और उन्हें नए घर की चाबी सौंपी गई, तो पूरा वातावरण तालियों और खुशियों से गूंज उठा। भावुक होकर माधाराम की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने प्रशासन और सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकेगा।

      यह पल केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं था, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की योजनाएं सही तरीके से लागू होने पर ग्रामीणों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती हैं।

       शिविर प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शिविर अवधि के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और ग्राम विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। शिविर के सफल आयोजन से ग्रामीणों में संतोष और विश्वास का माहौल देखने को मिला।

       ग्राम उत्थान शिविर देवा में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल प्रशासन और जनता के बीच मजबूत समन्वय का उदाहरण बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब सरकार की योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ घर नहीं बनातीं, बल्कि उम्मीद, सुरक्षा और सम्मान से भरा नया जीवन भी देती हैं।


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