उदयपुर। खान विभाग ने राजस्व लक्ष्यों को अर्जित करने के लिए ठोस रणनीति से आगे बढने पर फोकस किया है। प्रमुख सचिव खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने फील्ड अधिकारियों से राजस्व लक्ष्य अर्जित करने के लिए वित्तीय वर्ष के अंतिम समय में राजस्व संग्रहण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा करते हुए राजस्व वसूली पर विषेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। इस समय तक माइंस विभाग 11 फीसदी विकास दर के साथ राजस्व वसूली में गत वर्ष के इसी समय तक के राजस्व संग्रहण में आगे चल रहा है। उन्होंने कहा कि तुलाई कांटों के कम्प्यूटराइज मोड्यूल और व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम विभाग और लीजधारकों दोनों के लिए ही लाभकारी है।
प्रमुख सचिव माइंस श्री टी. रविकान्त ने शुक्रवार को उदयपुर दौरे के दौरान खनिज भवन में निदेशक माइंस श्री महावीर प्रसाद मीणा व वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन गतिविधियों कार्रवाई के दौरान की जुर्माना राशि वसूलने, आरसीसी - ईआरसीसी ठेकों पर रॉयल्टी वसूली, एसएमई स्तर पर राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा, विश्लेषण व मार्गदर्शन, माइंस विभाग के वित अधिकारी स्तर पर नियमित समीक्षा व राजस्व वसूली में कमी वाले कार्यालयों से समन्वय व वसूली में तेजी लाने, पुरानी बकाया की वसूली और करन्ट बकाया की शत-प्रतिशत वसूली के निर्देश दिए हैं। राजस्व संग्रहण के सभी संभावित क्षेत्रों से वसूली के कारगर प्रयास किये जाने हैं।
श्री रविकान्त ने कहा कि विभाग द्वारा तैयार किये जा रहे तुलाई कांटों के कम्प्यूटराइज मोड्यूल का परीक्षण व स्टालेशन के काम में तेजी लाये जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। विभागीय फील्ड अधिकारियों को तुला यंत्रों के कम्प्यूटराइज मोड्यूल और वीटीएस सिस्टम के क्रियान्वयन में तेजी लानी होगी।
निदेशक माइंस श्री महावीर प्रसाद मीणा ने कहा कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व वसूली में और अधिक तेजी लाई जाएगी। इसके लिए विभागीय मोनेटरिंग व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय श्री महेश माथुर ने बताया कि वेब्रिज इंटीग्रेसन का कार्य विभाग की प्राथमिकता है।
बैठक में वित अधिकारी श्री सुरेश जैन, अतिरिक्त निदेशक सतर्कता डॉ. धर्मेन्द्र लौहार, अधीक्षण खनि अभियंताओं में सर्वश्री डीपी गौड, एसपी शर्मा, एसपी शर्मा, भीमसिंह राठौड़, सतीष आर्य, कमलेश्वर बारेगामा, अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान श्री गोपालाराम, खनि अभियंता श्री आसिफ अंसारी, श्री जिनेश हुमड़, श्री अहत्सम सिद्धिकी, अधीक्षण भूविज्ञानी श्री एस नाथावत, अतिरिक्त निदेशक डीओआईटी श्रीमती शीतल अग्रवाल, श्रीमती ज्योति मेहता ने विस्तार से प्रगति से अवगत कराया। बैठक में विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।