राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगर जयपुर में इन दिनों लग रह है पत्थरों का मेला 

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Published on : 07 Feb, 26 06:02

त्वरित टिप्पणी  : राजस्थान के पत्थर उद्योग की एक वैश्विक उड़ान

राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगर जयपुर में इन दिनों लग रह है पत्थरों का मेला 

गोपेन्द्र नाथ भट्ट 

 

राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगर जयपुर में इन दिनों पत्थरों का अनूठा मेला का लग रहा है। चार दिवसीय इस भव्य स्टोन फेस्टिवल में देश-विदेश के कई पत्थर उत्पादक भाग ले रहे है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को इण्डिया स्टोन मार्ट - 2026 का उद्घाटन किया। प्रदेश की उप मुख्यमंत्री दियाकुमारी भी शुक्रवार को मेला स्थल जयपुर के जेईसीसी,सीतापुरा पहुंची। सेन्टर फॉर डेवलपमेंट्स ऑफ स्टोन्स (सीडॉस) द्वारा पिछले 26 वर्षों से यानी वर्ष 2000 से हर दूसरे वर्ष नियमित रूप से इण्डिया स्टोन मार्ट का आयोजन किया जा रहा है। यह इसका 13 वाँ संस्करण है।


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पत्थरों के इस अनोखे मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि राजस्थान का पत्थर उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। देश में उपलब्ध प्राकृतिक पत्थरों का बड़ा हिस्सा राजस्थान से ही आता है और यहां का संगमरमर और सैंडस्टोन विश्व-स्तर पर अपनी गुणवत्ता और सौंदर्य के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान को भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के अग्रणी 'स्टोन हब' के रूप में स्थापित करना है।

 

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को इंडिया स्टोनमार्ट-2026 में आयोजित आर्किटेक्चर फेस्टिवल का शुभारंभ किया। जयपुर के सीतापुरा के जेईसीसी में 5 से 8 फरवरी तक आयोजित इस इण्डिया स्टोन मार्ट में 12वें ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवॉर्ड्स 2025 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। दिया कुमारी ने कहा कि इस आयोजन से राजस्थान की स्थापत्य विरासत, पत्थर उद्योग और शिल्प परंपरा को वैश्विक पहचान मिल रही है। यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि आज भी राजस्थान की माटी और पत्थर का योगदान पूरी दुनिया में दिखाई देता है।

 

यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है कि राजस्थान का पत्थर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यह वही पत्थर है जिससे अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। देश के प्रजातंत्र का सबसे बड़ा मन्दिर नया संसद भवन बना है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली का ऐतिहासिक राष्ट्रपति भवन बना है,जहां आज भी गौरव के साथ जयपुर स्तम्भ खड़ा है। पुराना संसद भवन जिसे अब संविधान भवन कहा जाता है,वह भी राजस्थान की प्रस्तर कला का ही अजूबा है। भारत की अस्मिता का प्रतीक इण्डिया गेट के साथ ही देश की आजादी के पर्व पन्द्रह अगस्त पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला की जिस प्राचीर से प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते है। यह किला भी राजस्थान के पत्थर से ही बना है। राजस्थान के पत्थर से ही दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल बना है। आगरा का फोर्ट भी राजस्थान के पत्थरों की ही देन है। दिल्ली की कुतुब मीनार भी इन्हीं पत्थरों से बनी है। देश-विदेश में बने  सभी भव्य अक्षरधाम मंदिर सहित अनेक ऐतिहासिक किले, महल, छोटे-बड़े दुर्ग, हवेलियां, धार्मिक स्थल, महत्वपूर्ण स्मारक और प्रतिष्ठित होटलों के साथ ही अनेक ऐतिहासिक इमारतों में राजस्थान का पत्थर ही लगा हुआ है। राजस्थान के मकराना का संगमरमर सहित जोधपुर,जैसलमेर,बीकानेर से लेकर उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा तथा करौली,धौलपुर, सिकंदरा दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा तक राजस्थान के हर अंचल के पत्थरों की अपनी एक अलग ही कहानी है। कुल मिला कर राजस्थान पत्थरों के मामले में देश और दुनिया का बादशाह है। खान और खनिजों के लिए प्रसिद्ध राजस्थान के हुनरमंद कारीगरों की तो बात ही निराली है। देश और दुनिया में जितने भी भव्य मन्दिर और इमारतें बनी है लगभग उन सभी में राजस्थान के पत्थरों के साथ ही राज्य के कारीगरों का अभूतपूर्ण योगदान है।

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट-2026 राजस्थान के पत्थर उद्योग की एक वैश्विक उड़ान है। इंडिया स्टोन मार्ट-2026 के आयोजन को निर्यात के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैश्विक बाजार में भारतीय पत्थरों की मांग लगातार बढ़ रही है और यह मेला निर्यातकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीददारों से जोड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आयोजन से राजस्थान के एमएसएमई सेक्टर, खनन उद्योग और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों को भी व्यापक लाभ मिलेगा।

 

कुल मिलाकर, इंडिया स्टोन मार्ट-2026 न केवल एक व्यावसायिक प्रदर्शनी है,बल्कि यह राजस्थान की औद्योगिक शक्ति, नीतिगत प्रतिबद्धता और वैश्विक महत्वाकांक्षा का प्रतीक बन कर उभरी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का उद्बोधन इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए कई ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है।


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