नीति गोपेन्द्र भट्ट
जयपुर । राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने प्रसिद्ध वास्तुकार प्रमोद जैन को उनके उत्कृष्ट प्रोजेक्ट मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर (एमआईसी ), जोधपुर के लिए प्रतिष्ठित 12वाँ ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चरल अवॉर्ड (आइसा)- 2025 प्रदान किया है।पुरस्कार स्वरूप उन्हें ट्रॉफी एवं ₹1 लाख की नकद राशि प्रदान की गई है।
वास्तुकार प्रमोद जैन को यह सम्मान जेईसीसी, सीतापुरा, जयपुर में आयोजित हो रहें इंडिया स्टोन मार्ट में शुक्रवार को सायं सेण्टर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ स्टोन (सीडीओएस) द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
पुरस्कार प्रशस्ति पत्र में वास्तुकार जैन को एक दूरदर्शी वास्तुकार बताते हुए पत्थर के अभिनव और उत्कृष्ट उपयोग के लिए उनकी सराहना की गई। जूरी ने विशेष रूप से मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर को जोधपुर की समृद्ध स्थापत्य विरासत से प्रेरित एक उत्कृष्ट भवन बताया। स्थानीय सूरसागर सैंडस्टोन से निर्मित यह भवन पारंपरिक पत्थर निर्माण तकनीकों को समकालीन और नवाचारी शैली में प्रस्तुत करता है। इसकी आकर्षक मुखाकृति, भव्य प्रवेश द्वार और सूक्ष्म पारंपरिक अलंकरणों की विशेष प्रशंसा की गई।
इस पुरस्कार का चयन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय जूरी द्वारा किया गया है जिसमें काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए), नई दिल्ली, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए ), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिज़ाइनर्स (आई आईआईडी ), मुंबई के अध्यक्ष तथा इंडियन सोसाइटी ऑफ लैंडस्केप आर्किटेक्ट्स (आइसोला) के अध्यक्ष शामिल थे।
जाने माने वास्तुकार प्रमोद जैन को इससे पूर्व, भी लगातार राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी), जयपुर के लिए डिज़ाइन स्केप अवॉर्ड-2024 तथा एमआईसी, जोधपुर के लिए वर्ष 2025 में मिले है।
उल्लेखनीय है कि जयपुर निवासी प्रमोद जैन को वास्तुकला के क्षेत्र में पाँच दशकों से अधिक का अनुभव प्राप्त है और उनका करियर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं से समृद्ध रहा है। जयपुर के प्रसिद्ध राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर की वास्तुकला डिजाइन भी उन्होंने ने ही की थी जिसकी गवाही सेंटर के बाहर लगा शिलालेख कर रहा है।
आइसा -2025 के अंतर्गत देश भर से आए अन्य वास्तुकारों को भी इंटीरियर डिज़ाइन, लैंडस्केप आर्किटेक्चर एवं ग्रीन आर्किटेक्चर आदि श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जिससे जयपुर में पत्थर आधारित डिज़ाइन के क्षेत्र में उत्कृष्टता का उत्सव मनाया गया।
——