केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को किया संबोधित

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Published on : 08 Feb, 26 16:02

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रेलवे विस्तार पर जोर देते हुए ‘‘विकसित भारत 2047’’ के लिए रोडमैप किया प्रस्तुत

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को किया संबोधित

नई दिल्ली। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय बजट 2026-27 के रणनीतिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
 मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि यह बजट 2047 के लिए एक व्यापक रोडमैप है, जिसका उद्देश्य विनिर्माण, नवाचार और समावेशी विकास के तीन प्रमुख स्तंभों के माध्यम से भारत को एक विकसित राष्ट्र में परिवर्तित करना है। विनिर्माण क्षेत्रए विशेष रूप से उच्च-तकनीकी उद्योगों को दिए जा रहे महत्वपूर्ण प्रोत्साहन पर जोर दिया। इस बजट में भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसी प्रमुख घोषणाएं की गई हैं। वैश्विक चिप विनिर्माण में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण की रूपरेखा शीघ्र ही तैयार की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक घटकों के विनिर्माण के लिए आवंटित राशि में रूपये 22,000 करोड़ से बढ़कर रूप 40,000 करोड़ होने की उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कर्नाटक इस निवेश का प्रमुख लाभार्थी बना हुआ हैए जहां राज्य के घटक क्षेत्र में पहले से ही लगभग रूपये 10,000 करोड़ का निवेश हो चुका है।
 मंत्री जी ने कहा कि सरकार बायोफार्मा, उच्च-तकनीकी टूल रूम, शिपिंग के लिए कंटेनर निर्माण और दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि आईटी उद्योग पारंपरिक सॉफ्टवेयर मॉडल से एआई-आधारित सेवाओं की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहा है। इसे बढ़ावा देने के लिएए बजट में आईटी क्षेत्र के लिए कर संरचनाओं को सरल बनाया गया है। एआई के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए, सरकार ने डेटा केंद्रों के लिए नियमों को सरल बनाया है और घरेलू और विदेशी निवेशकों के साथ समान व्यवहार किया है। कर्नाटक में रेलवे अवसंरचना में हो रहे महत्वपूर्ण बदलावों का विवरण देते हुए बताया कि कर्नाटक के लिए रिकॉर्ड तोड़ रूपये 7,748 करोड़ का रेलवे बजट घोषित किया गया है, जो 2009-2014 की अवधि के दौरान आवंटित औसत राशि से 9 गुना अधिक है। विद्युतीकरण और सुरक्षा प्रमाणपत्रों के पूरा होने के बाद जल्द ही बेंगलुरु से मंगलुरु को जोड़ने वाली एक नई वंदे भारत सेवा शुरू हो जाएगी।
 बेंगलुरु से चेन्नई और बेंगलुरु से हैदराबाद के बीच दो प्रमुख हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। बेंगलुरु-चेन्नई की यात्रा में मात्र 73 मिनट और बेंगलुरु-हैदराबाद की यात्रा में लगभग 2 घंटे लगने की उम्मीद है। बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे की प्रगति के बारे में बताते हुए मंत्री जी ने कहा कि नए तकनीकी नेतृत्व में और नवीन ‘‘प्री-कास्ट’’ निर्माण विधियों का उपयोग करते हुए चारों कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात पर जोर देते हुए किया कि ये पहलें अल्पकालिक समाधानों के बजाय दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता देती हैं, जिससे भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक मजबूत आधार सुनिश्चित होता है।


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