दो माह पूर्व विज्ञान नगर,निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी विनय कुमार छाबड़ा के बड़े भाई राजेंद्र छाबड़ा के आकस्मिक निधन के उपरांत संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से उनका नेत्रदान संपन्न हुआ था।
आज सुबह विनय का भी हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया । नेत्रदान की, सरल और रक्त विहीन प्रक्रिया को, प्रारंभ से ही परिवार के सदस्य जानते थे । इसीलिए जैसे ही संस्था के ज्योति मित्र श्याम दीवाना ने विनय कुमार की पत्नी सविता,बेटे मनीष और अंकुश से नेत्रदान की चर्चा की तो परिवार ने तुरंत सहमति दे दी ।
श्याम की सूचना पर संस्था सदस्यों की ओर से घर पर नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई । विनय के अचानक देवलोक गमन जाने से पंजाबी समाज में शोक की लहर आ गई।