श्रीगंगानगर। जिला परिवहन कार्यालय श्रीगंगानगर में पंजीकृत सभी वार्षिक कर देय वाले मालवाहक वाहनों के वाहन स्वामियों को सूचित किया जाता है कि जिन मालवाहक वाहनों का वर्ष 2025-26 तथा वर्ष 2025-26 से पूर्व के वर्षो का वार्षिक कर बकाया है, वे अपने मालवाहन का बकाया कर 28 फरवरी 2026 तक आवश्यक रूप से जमा करवायें। 28 फरवरी 2026 तक बकाया कर जमा नही करवाये जाने की स्थिति में संबंधित डिफाल्टर वाहन स्वामियों के विरूद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।
जिला परिवहन अधिकारी श्री देवानन्द ने बताया कि ई-रव्वना, ई-डिटेक्श्न टोल के माध्यम से प्राप्त डाटा अनुसार गंगानगर जिले में पंजीकृत डिफॉल्टर भार वाहन, यात्री वाहन, टैक्सी-मैक्सी वाहन संचालित किये जा रहे है। ऐसे वाहन स्वामियों को विभाग द्वारा बार-बार नोटिस एवं उनके मोबाइल पर मेसेज जारी किये जाने के बावजुद भी उनके द्वारा बकाया कर जमा नही करवाया गया है। डिफॉल्टर वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए वाहनों की सीज कर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। डिफॉल्टर वाहनों के वाहन स्वामियों के अन्य पंजीकृत वाहनों को भी सीज किया जा रहा है।
परिवहन एवं सडक सुरक्षा विभाग द्वारा वाणिज्यक कर विभाग. जी.एस.टी विभाग, आयकर विभाग तथा रिर्जव बैक ऑफ इंडिया के सहयोग से बकाया कर बसूली हेतु प्रयास किये जा रहे है। वाहन स्वामियां द्वारा निर्धारित तिथी तक बकाया कर जमा नही करवायें जाने की स्थिति में जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी एवं संबंधित तहसीलदार से भू-सम्पति, भुमि कुर्की, अचल सम्पति आदि का ब्यौरा मांगकर भूराजस्व अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही प्रस्तावित कर दी जावेगी। इस हेतु पुलिस विभाग खनन विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाकर बसूली की जा रही र्है।
उन्होंने बताया कि बकाया कर से सम्बन्धित वाहन स्वामियों को पुनः सुचित किया जाता है कि अबिलम्ब अपने वाहन का कर 28 फरवरी 2026 तक आवश्यक रूप से जमा कर करवायें। साथ ही समस्त वाहन स्वामियों से अनुरोध है कि वे अपने मोबाईल नम्बर वाहन सॉफ्टवेर 4.0 में उद्यतन करवाये ताकि वाहन से संबंधित समस्त सूचनाएं प्राप्त कर सके।
बकाया कर.पैनेल्टी एवं भार वाहनो का वित्तीय वर्ष 2026-27 का अग्रिम कर आवश्यक रूप से 15 मार्च 2026 तक जमा करवावें ताकि समस्त माल वाहन स्वामियों को किसी भी प्रकार असुविधा नही हो और न ही विभाग को किसी भी विभागीय कार्यवाही करनी पडे। समय पर वर्ष 2026-27 का वार्षिक कर एवं पूर्व के वर्षो का बकाया कर जमा करवाकर राज्य के विकास में भागीदार बने।