चर्मपत्र पर विश्व की सबसे बड़ी संविधान ग़ज़ल

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Published on : 12 Feb, 26 05:02

चर्मपत्र पर विश्व की सबसे बड़ी संविधान ग़ज़ल

उदयपुर के स्वर्ण शिल्पी  र्डॉक्टर इक़बाल सक्का 77वै , गणतंत्र दिवस के मौके पर विश्व की सबसे बड़ी चर्म पत्र पर लिखी हुई गजल तीन विश्व रिकॉर्ड बुक में दर्ज संविधान ए गजल को 24,25 व 26 जनवरी  को सक्का इंटरनेशनल म्यूजियम में प्रदर्शन के लिए रखेंगे। हस्तलिखित संविधान ए गजल की विशेषताएं। चर्म पत्र सीट पर लिखी गई विश्व की सबसे लंबी संविधान ए  गजल।भारत का मूल संविधान भी चर्म पत्र पर लिखा हुआ है। प्रथम पुष्ट पर चांदी से लिखा संविधान ए ग़ज़ल 120 पृष्ठ 615 शेर। मूल संविधान के पृष्ठ भी चित्रकला से सजे हैं। संविधान ऐ गजल को भी राजस्थानी चित्रकला वह वारली चित्रकला से सजाया है। 120 पृष्ठ की संविधान ए गजल का आकर58.4 सेंटीमीटर ऊंची, 47.7 सेंटीमीटर चौड़ाई है। मूल संविधान का आकर भी यही है। इसका वजन है 13 किलो मूल संविधान का वजन भी 13 किलो है। अनु अनुच्छेद के नियम पर शेर संविधान गजल में लिखे गए हैं।


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