उदयपुर। पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, पिम्स, उमरड़ा, उदयपुर के श्वसन रोग विभाग में एक अत्यंत दुर्लभ एवं जटिल चिकित्सकीय प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। संस्थान के चेयरमैन आशीष अग्रवाल ने बताया कि 66 वर्षीय पुरुष मरीज सांस फूलने तथा खांसी के साथ खून आने (हीमोप्टाइसिस) की शिकायत के साथ श्वसन रोग विभाग में भर्ती हुआ।
मरीज की प्रारंभिक जांच के अंतर्गत छाती का एक्स-रे एवं एचआरसीटी थोरैक्स किया गया, जिसमें असामान्य निष्कर्ष सामने आए। आगे की विस्तृत जांच के लिए ब्रोंकोस्कोपी की गई, जिसमें दाहिने फेफड़े के राइट मिडल लोब में एक कठोर, पथरी जैसी संरचना पाई गई, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ब्रोंकोलिथ कहा जाता है। इस दुर्लभ ब्रोंकोलिथ को अत्यंत सावधानीपूर्वक डॉरमिया बास्केट की सहायता से सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। यह जटिल प्रक्रिया अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा की गई, जिसमें डॉ. मयूर देवराज, डॉ. राजू कोट्टाकोटा, डॉ. सनिध्या टाक, डॉ. करणराज सिंघल, डॉ. अनिरुद्ध, डॉ. हसित, डॉ. शुभनिश, डॉ. गौरांग, डॉ. अजय, डॉ. अमन, डॉ. देवेंद्र, डॉ. दीक्षा, डॉ. मनीषा, डॉ. मेधा, डॉ. मुस्कान, डॉ. पवन, डॉ. राज, डॉ. श्याम एवं डॉ. तान्या शामिल रहे। इसके अतिरिक्त ब्रोंकोस्कोपी टीम के सदस्य गिरिराजसिंह, राहुल एवं मांगीबाई का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रक्रिया के पश्चात मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। सांस फूलने की शिकायत एवं रक्तस्राव में स्पष्ट कमी आई। यह सफलता पैसिफिक मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग विभाग की उन्नत तकनीक, कुशल टीमवर्क एवं उच्च स्तरीय विशेषज्ञता को दर्शाती है। संस्थान प्रबंधन ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी तथा भविष्य में भी इसी प्रकार की उत्कृष्ट एवं आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।