उदयपुर। विद्या प्रचारिणी सभा भूपाल नोबल्स संस्थान के प्रताप चौक में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ 142वीं भूपाल जयंती समारोह मनाया गया। समारोह का प्रारंभ महाराणा भूपाल सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना के साथ प्रारंभ हुआ।
समारोह की मुख्य अतिथि पूज्या गुरुमैया भूवनेश्वरी पुरी जी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि कुलीनता ही मनुष्य जीवन का आधार है। कुलीनता का अर्थ त्याग और धेर्य है। हमारी सांस्कृतिक परम्परा इसी त्याग और धैर्य की नींव पर अवस्थित है। राम और सत्यवादी हरिश्चंद्र इस के प्रमाण है। आपने कहा कि हमारे कर्म ऐसे होने चाहिए जिसे पीढ़ियों तक स्मरण किया जाता रहे। महाराणा भूपाल सिंह जी ने इस संस्था की स्थापना कर और अपने सामाजिक और जन कल्याणकारी कार्यों के माध्यम से अपने नाम को अमर कर दिया है। आज का यह आयोजन उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का अवलोकन कर प्रेरणा लेना का है।
इससे पूर्व विद्या प्रचारिणी सभा के मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह राठौड़ ने संस्था की विभिन्न इकाइयों की अकादमिक शैक्षिक आदि उपलब्धियों को विवरण प्रस्तुत कर आगे भी विकास की गति को बनाये रखने का आश्वासन व्यक्त किया।
संस्था के कार्यवाहक अध्यक्ष मानद प्रो. कर्नल शिवसिंह सारंगदेवोत ने महाराणा भूपाल सिंह जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। महाराणा भूपाल सिंह जी ने शारीरिक अक्षमाताओं के बावजूद समाज और राष्ट्र के लिए सदैव कार्य करते रहे हैं। शिक्षा के प्रति आपका विशेष अनुराग था। आपने कई शैक्षिक संस्थाओं की स्थापना की जिसमें भूपाल नोबल्स संस्थान की स्थापना भी महत्वपूर्ण है। हमें सदैव आपके व्यक्तित्व एव कृतित्व से प्ररेणा लेते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर अकादमिक सांस्कृतिक एनसीसी खेलकूद आदि गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्या प्रचारिणी सभा के उपाध्यक्ष डॉ. दरियाव सिंह चूण्डावत, संयुक्त मंत्री राजेन्द्र सिंह झाला, भूपाल नोबल्स सस्थान के प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड, वित्त मंत्री शक्ति सिंह राणावत, रजिस्ट्रार, डॉ. निरंजन नारायण सिंह राठौड़, ऑल्ड बॉयज एसोसिएशन के अध्यक्ष एकलिंग सिंह झाला, विद्या प्रचारिणी कार्यकारिणी सदस्यगण ऑल्ड बॉयज एसोसिएशन के पदाधिकारिगण सदस्यगण विभिन्न इकाइयों के प्रधानगण अतिथिगण विद्यार्थिगण आदि उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन विद्या प्रचारिणी सभा के उपाध्यक्ष डॉ. जब्बर सिंह सोलंकी ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अनिता राठौड़ ने किया।