उदयपुर। Geetanjali Medical College & Hospital के पैथोलॉजी विभाग द्वारा Udaipur Society of Pathologists के सहयोग से 14 व 15 फरवरी को दो दिवसीय “गीतांजली पैथटॉक 2026” जोनल कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम रही — “डायग्नोस्टिक पैथोलॉजी में उभरते रुझान: क्या नया है, क्या प्रासंगिक है और आगे क्या”।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न अंगों के कैंसर की जांच में बेसिक एवं अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग पर गहन वैज्ञानिक चर्चाएं की गईं। विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, स्तन, फेफड़े, रक्त एवं लिम्फॉयड अंगों तथा मस्तिष्क से जुड़े कैंसर के सटीक एवं शीघ्र निदान की आधुनिक पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतांजली ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “पैथटॉक 2026” संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध एवं निरंतर व्यावसायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि डायग्नोस्टिक पैथोलॉजी के क्षेत्र में मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, डिजिटल पैथोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन मेडिसिन के समावेश से अभूतपूर्व परिवर्तन आया है, जिससे रोगी देखभाल में पैथोलॉजी की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि “पैथटॉक 2026” का आयोजन परिसर में चल रहे सांस्कृतिक उत्सव “सिनैप्स 2026” के साथ किया गया, जो संस्थान की एकता, संस्कृति और समग्र विकास की भावना को दर्शाता है।
सम्मेलन में Tata Memorial Hospital के सीनियर प्रोफेसर डॉ. सुमित गुजराल ने रक्त एवं लिम्फॉयड अंगों के कैंसर पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. तृप्ति पाय ने फेफड़ों एवं स्तन कैंसर, डॉ. सुभाष यादव ने पेट एवं जननांगों के कैंसर तथा डॉ. आयुषी सहाय ने मस्तिष्क संबंधी कैंसर के नवीनतम डायग्नोस्टिक दृष्टिकोण पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कॉन्फ्रेंस के आयोजन में ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. गीता मुखिया, को-ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. मनीषा जैन एवं सेक्रेट्री डॉ. पूनम वाइके ने गीतांजली ग्रुप के चेयरमैन श्री जेपी अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल, डॉक्टर्स एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 8 वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शोध पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियां हुईं। उभरते पैथोलॉजिस्ट्स के लिए लाइव स्लाइड टीचिंग सत्र विशेष आकर्षण रहे। उत्कृष्ट शोध कार्यों को रिसर्च अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राजस्थान, गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से आए पैथोलॉजिस्ट्स, शोधकर्ताओं एवं मेडिकल विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
“गीतांजली पैथटॉक 2026” पैथोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञानवर्धन, नवीन शोध और अनुभवों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच सिद्ध हुआ तथा प्रतिभागियों के लिए यह सम्मेलन अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक रहा।