उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के शिशु शल्य चिकित्सा विभाग एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक सर्जन्स (आईएपीएस) राजस्थान चौप्टर के संयुक्त तत्वावधान में ‘हैंड्स ऑन एमआईएस पीडियाट्रिक एंड नियोनेटल वर्कशॉप’ का सोमवार को औपचारिक उद्घाटन हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि अमेरिका (वर्जीनिया) के बोन सेकोर्स मर्सी हेल्थ चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विन पिंपलवार, पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. एम.एम. मंगल, पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. यू.एस. परिहार, आयोजन चेयरमैन डॉ. रेणु रॉवका व डॉ. गौरव वधावन और आयोजन सचिव डॉ. प्रवीण झंवर ने गणेश प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।
उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. अश्विन पिंपलवार ने लाइव लैप्रोस्कोपिक हर्नियोटॉमी एवं लैप्रोस्कोपिक सीडीएच रिपेयर के माध्यम से जटिल सर्जरी को सुगमता से करने की बारीकियों को समझाया। अपने गेस्ट लेक्चर में उन्होंने कहा कि चिकित्सा जगत में मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (एमआईएस) बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही है, क्योंकि इसमें चीरा छोटा होता है और रिकवरी बहुत तेजी से होती है।
पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने वर्कशॉप की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से न केवल डॉक्टरों के कौशल में वृद्धि होती है, बल्कि मेवाड़ क्षेत्र के मरीजों को भी विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीकों का लाभ मिल सकेगा।
आयोजन सचिव डॉ. प्रवीण झंवर ने बताया कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य पीडियाट्रिक सर्जन्स को शिशु और नवजात शल्य चिकित्सा में एडवांस्ड एमआईएस तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। 20 फरवरी तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को ड्राई लैब वीडियो सेशन और लाइव ऑपरेशन ट्रांसमिशन,देश-विदेश के प्रख्यात सर्जन्स के साथ इंटरैक्टिव सेशन और जटिल सर्जरी जैसे थोरैकोस्कोपिक टीईएफ रिपेयर और लैप्रोस्कोपिक पायलोप्लास्टी पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी।
वर्कशॉप के संयुक्त सचिव डॉ. धवल शर्मा ने बताया कि इस पांच दिवसीय कार्यशाला में एम्स जोधपुर के डॉ. राहुल सक्सेना, दिल्ली के डॉ. नियाज खान, कोटा के डॉ. समीर मेहता और वाराणसी की डॉ. चारु यादव जैसे वरिष्ठ विशेषज्ञ लाइव ऑपरेशन कर आधुनिक सर्जिकल कौशलों का प्रदर्शन करेंगे।