जम्मू। अगर आप कश्मीर की यात्रा का प्रोग्राम बना रहे है तो उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने आपकी सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन में विस्टाडोम कोच की व्यवस्था कर दी है। इस कोच में बैठकर आप एक जगह बैठकर कश्मीर की वादियों का हर एंगल से लुत्फ उठा सकेंगे।
जम्मू मंडल के जनसंपर्क निरीक्षक श्री राघवेंद्र सिंह ने बताया कि कश्मीर आने वाले यात्रियों को बेहतर यात्रा का अनुभव व पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान कराते हुए बडगाम से बनिहाल के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 04688/87 को विगत 11 फरवरी से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक विस्तारित कर दिया गया है।
यह विशेष ट्रेन कश्मीर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक आने व जाने वाले लोगों की पसंद बनती जा रही हैं। इस विस्तार से जम्मू और कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर हो गई है।
बीते एक सप्ताह के दौरान इस ट्रेन में बड़गाम से कटरा व कटरा से बड़गाम तक सामान्य श्रेणी में लगभग 4 हजार से ज्यादा लोगों ने सफर किया है, वहीं अगर इस ट्रेन में लगाएं गए, विस्टाडोम कोच की बात करें, तो अभी तक लगभग 400 से ज्यादा लोगों ने सफर कर लिया है।
यह विशेष ट्रेन मार्ग में आने वाले स्टेशन खारी, सुबंर, संगलदान, सावलकोट, दुगा, बक्कल तथा रियासी स्टेशन पर स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी विकल्प बनती जा रही हैं। मार्ग में आने वाले इन स्टेशनों से लगभग 2 हजार से ज्यादा लोगों ने सफर किया, जो कि रेलवे द्वारा यात्रियों के हित में उठाए गए, बेहतर कदम को दर्शाती हैं।
इस सफल संचालन पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल ने कहा कि विशेष ट्रेन की सेवा को विस्तारित करते हुए, बनिहाल की जगह श्री माता वैष्णोदेवी कटरा किया गया था। इससे स्थानीय लोगों का आवागमन सुविधाजनक हो पाया है, साथ ही यह ट्रेन स्थानीय लोगों व पर्यटकों के लिए विश्वासनीय विकल्प साबित हो रही हैं।
विस्टाडोम कोच की मुख्य विशेषताएँ और सुविधाएँ
विस्टाडोम कोच भारतीय रेलवे द्वारा शुरू किए गए शीशे की छत और बड़ी कांच की खिड़कियों वाले विशेष पर्यटक डिब्बे हैं, जो यात्रा के दौरान 360 डिग्री मनोरम दृश्य का आनंद लेने के लिए काफी सुविधाजनक होता है। इन्हें मुख्य रूप से प्रकृति, घाटियों और सुरंगों के दृश्यों का आनंद लेने के लिए डिजाइन किया गया है। इस कोच की छत पर काँच के पैनल और बड़ी खिड़कियाँ हैं, जिनसे बाहर के नजारे स्पष्ट दिखते हैं। इसमें 180 से 360 डिग्री तक घूमने वाली कुर्सियाँ होती हैं, ताकि यात्री अपनी पसंद की दिशा में मुड़ सकें। कोच के अंत में एक लाउंज क्षेत्र होता है जहाँ यात्री खड़े होकर दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।