डॉ मधु सूदन शर्मा जी को मात्स्यकी महाविद्यालय में दी भावभीनी पुष्पांजलि 

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Published on : 20 Feb, 26 16:02

डॉ मधु सूदन शर्मा जी को मात्स्यकी महाविद्यालय में दी भावभीनी पुष्पांजलि 

उदयपुर । कोटा विवि के पूर्व कुलपति व शिक्षाविद् डॉ. मधुसूदन शर्मा को मात्स्यकी महाविद्यालय और राजफिशरीज ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को भावपूर्ण पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि अर्पित की। आपने परम मित्र और सहयोगी आदरणीय डॉ. मधु सूदन शर्मा जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मात्स्यकी महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता एवं राजफिशरीज ग्रुप के संयोजक डॉ एल. एल शर्मा ने अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि डॉ मधु सूदन जी का आकस्मिक देहावसान अत्यंत दुखद एवं स्तब्ध करने वाला है। वे अत्यंत सौम्य, विनम्र एवं सदैव प्रसन्नचित्त व्यक्तित्व के धनी थे। उनका व्यवहार सहयोगात्मक और प्रेरणादायी था-वे हर समय स्नेहपूर्वक सभी का मार्गदर्शन और सहायता के लिए तत्पर रहते थे।
राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ एम के महला ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि वे सुखाड़िया विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय के डीन और जूलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष भी रहे। इसके साथ ही विवि के सेंट्रल लाइब्रेरी के ऑफिस इंचार्ज और सुविवि के स्पोर्ट्स बोर्ड के चेयरमैन भी रहे। मात्स्यकी महाविद्यालय में इतने बड़े पदों पर आसीन रहे डॉ शर्मा जी ने गेस्ट


फैकल्टी के रूप हमारे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। उनकी अध्यापन शैली और शोध क्षमता अद्वितीय एवं अनुपम थी। पूर्व अधिष्ठाता डॉ बी के शर्मा ने बताया कि सरोवर विज्ञान एवं मत्स्य विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य है। शांतिपीठ के अध्यक्ष श्री अनंत गणेश त्रिवेदी ने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि डॉ. मधु सूदन जी का असामयिक निधन न केवल हमारे लिए, बल्कि संपूर्ण उदयपुर की जनता, झील प्रेमियों और पर्यावरण शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। डॉ एच के वर्डिया पूर्व अधिष्ठाता मात्स्यकी महाविद्यालय कवर्धा छत्तीस गढ़, गेस्ट फैकल्टी डॉ शाहिदा जयपुरी, सहा मत्स्य अधिकारी शीतल नरूका, डॉ एम एल ओझा और डॉ सुबोध शर्मा ने भी उन्हे श्रद्धासुमन अर्पित करे और कहा कि उनके शोध कार्य, सरल व्यक्तित्व एवं आदर्श सदा सर्वदा हमारी स्मृति में रहेंगे और हमारा मार्गदर्शन करेंगे। 
इस अवसर पर उपस्थित मोहन लाल पालीवाल सेनि जिला शिक्षा अधिकारी, डॉ बी एस चावड़ा, पूर्व संयुक्त निदेशक्षक मत्स्य विभाग, अरूण पुरोहित पूर्व उपनिदेशक, डॉ कमल सिंह राठौड़, डॉ एन एस सोलंकी, सहा प्राध्यापक डॉ दर्शना दवे, डॉ नितेश, डॉ रोहिताश, महाविद्यालय के सभी सह शैक्षणिक कर्मचारी और छात्र छात्राओं ने डॉ मधु सूदन शर्मा जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अधिष्ठाता एवं मीडिया प्रभारी डॉ सुबोध शर्मा ने किया।
कई देशों में शोध और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रहे डॉ मधु सूदन शर्मा जी :
 डॉ मधु सूदन शर्मा जी ने शिक्षा विद के रूप में अनेक पदों का कुशलता पूर्वक संचालन किया। वे 10 वर्ष प्रोफेसर रहे और 21 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया। 2011 से 2014 तक कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर रहते हुए शैक्षणिक विकास को नई दिशा दी। डॉ. शर्मा को एमिनेंट साइंटिस्ट अवार्ड, नेशनल फेलोशिप अवार्ड सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए। पर्यावरण शिक्षा और जन-जागरूकता में उनके योगदान के कारण उन्हें इस क्षेत्र का अग्रणी विशेषज्ञ माना जाता था।  कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने समाज सेवा का अतुलनीय दायित्व निभाया। 


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