होम्योपैथी: बियोंड मिथ्स, इन टू  ट्रूथ पुस्तक का हुआ विमोचन

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Published on : 20 Feb, 26 17:02

डिजिटल युग में पुस्तक लेखन चुनौतीपूर्ण कार्य - प्रो. सारंगदेवोत

होम्योपैथी: बियोंड मिथ्स, इन टू  ट्रूथ पुस्तक का हुआ विमोचन

उदयपुर / होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति आमजन को जागरूक करने एवं इसके प्रचार प्रसार के उद्देश्य से  राजस्थान विद्यापीठ के कुलाधिपति कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर, कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने कुलपति सचिवालय में डॉ. प्राची शाकद्विपीय, डॉ. मिहीर शाकद्विपीय, डॉ. हिमांशु धुप्पड़, डॉ. सौम्या दर्शना द्वारा लिखित पुस्तक होम्योपेथी: बियोंड मिथ्स इन टू ट्रूथ पुस्तक का विमोचन किया।  
इस मौके पर लेखक डॉ. शाकद्विपीय एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कुलपति प्रो शिवसिंह सारंगदेवोत ने कहा कि डिजिटल युग में पुस्तक लेखन चुनौतीपूर्ण है मगर पुस्तक में कागज में सजीव विचार हैं जो हमारे मन और मस्तिष्क को संवारने का काम करते हैं। प्रो. सारंगदेवोत ने इस पुस्तक को होम्योपैथी चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे आमजन में जागरूकता आयेगी, इसमें विशेष रूप से बाल रोग से सम्बंधित बिमारियों का उपचार सरल तरीके से दर्शाया गया है। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि युवाओं को जीवन में पुस्तक को मित्र बनाना चाहिए।  तकनीकी युग में युवा लाईब्रेरी में जाना भुल गये है।  युवाओं की पुस्तक पढ़ने की प्रवत्ति प्रायः समाप्त  हो गयी है वे अपना अधिकांश समय मोबाईल में निकाल देते है।


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