राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में संगम विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 685 विद्यार्थियों को उपाधि

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Published on : 22 Feb, 26 03:02

राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में संगम विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 685 विद्यार्थियों को उपाधि

भीलवाड़ा। Sangam University का बारहवां दीक्षांत समारोह 20 फरवरी 2026 को राजस्थान के राज्यपाल Haribhau Bagde के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय एवं भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में 31 पीएचडी, 30 स्वर्ण पदक सहित कुल 685 छात्र-छात्राओं को विभिन्न संकायों की डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध उत्कृष्टता और विश्वविद्यालय की विकास यात्रा की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।


मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री बागडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में बौद्धिक क्षमता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय व्यवहार, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता का निर्माण करती है। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों से अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में उत्कृष्ट मानक स्थापित करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान, कौशल और चरित्र – ये तीनों किसी भी राष्ट्र की प्रगति के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन मूल्यों को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा दी।


समारोह में विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट एवं वाइस चांसलर प्रो. करुणेश सक्सेना ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं प्लेसमेंट उपलब्धियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि संगम विश्वविद्यालय में कौशल आधारित, उद्योगोन्मुख और नवाचार केंद्रित शिक्षा मॉडल को सशक्त रूप से लागू किया गया है। प्रो. सक्सेना ने यह भी उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने Chandrayaan-3 की सफलता में भी योगदान देकर संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संगम समूह के चेयरमैन रामपाल सोनी ने की। उन्होंने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों से युक्त सक्षम नागरिक बनाना है। विशिष्ट अतिथि सांसद दामोदर अग्रवाल ने भारतीय परंपराओं एवं जीवन मूल्यों को संजोकर आगे बढ़ने का संदेश दिया, वहीं आईआईएम इंदौर के प्रो. पी.के. सिंह ने बदलती तकनीकी दुनिया में भाषाई दक्षता और सतत् सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।

परीक्षा नियंत्रक प्रो. राकेश भंडारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बीटेक, एमसीए, एमबीए, एलएलबी, बीफार्मा, एमटेक, बीएससी (ऑनर्स) कृषि सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह की शुरुआत शैक्षणिक शोभायात्रा, दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान से हुई तथा एनसीसी कैडेट्स द्वारा राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री बागडे द्वारा संगम आईटीबीआई के नए भवन का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय प्रबंधन, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, बोर्ड सदस्य, संकाय, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, शैक्षणिक उत्कृष्टता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।


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