नशा मुक्ति पर संवाद कार्यक्रम

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Published on : 25 Feb, 26 15:02

नशा मुक्ति पर संवाद कार्यक्रम

इनर व्हील उदयपुर के नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत चौथे चरण में कॉलेज की छात्र-छात्राओं एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर पी सी जैन के बीच नशा मुक्ति अभियान कैसे चलाएं एवं नशावान  का कैसे नशा छुड़ाएं इस बारे में संवाद कार्यक्रम हुआ।
चेतन शर्मा के प्रश्न की क्या नशे से याददाश्त खत्म हो सकती है पर डॉक्टर जैन ने कहा की गांजा और शराब से विद्यार्थियों की याददाश्त कभी कम तो कभी बिल्कुल समाप्त हो सकती है। ड्रग्स वे केमिकल है जो शरीर और मस्तिष्क के कार्य प्रणाली को प्रभावित करते हैं इसमें सोचने और समझना और करने की क्रिया प्रभावित होती है।(सोनू) किशोरावस्था में नशे के लक्षण में व्यवहार में बदलाव, रहन सहन में बदलाव दिखाई देते हैं।( सावित्री यादव) राजी पारीक के संवाद की शैक्षणिक योग्यता में क्या फर्क पड़ता है पर डॉक्टर जैन ने कहा कि उसका स्तर निरंतर गिरता रहता है। किसी ड्रग का लीगल होना का अर्थ यह नहीं कि वह सुरक्षित है जैसे तंबाकू शराब एवं डॉक्टर द्वारा प्रिसक्राइब्ड दवाइयां। यह पदार्थ भी अपने दुष्प्रभाव शरीर पर डालते हैं ऐसा डॉक्टर जैन ने बताया।( प्रियंका कर्दम) अभय प्रताप के प्रश्न पर बताया कि नशीले पदार्थ लंबे समय तक उपयोग करने पर शरीर और मन पर अपने दुष्प्रभाव अवश्य छोड़ते हैं। विमलेश , मेट्रन  के संवाद बताया गया कि नशे से डिप्रेशन, एंजायटी , पैनिक अटैक इरिटेबिलिटी, एंगर इत्यादिक मानसिक प्रभाव होते हैं। मोनू मीना       ने भी अपना संवाद डॉक्टर जैन से किया। 
डॉक्टर पी सी जैन  ने अपनी पीपीटी में विशेषकर, स्क्रीन एडिक्शन, टोबैको एडिक्शन, एवम एल्कोहल एडिक्शन पर जोर देकर बताया कि इन तीनों नशे से कैसे बचा जाए। स्क्रीन एडिक्शन  ने रातों की नींद, परस्पर संपर्क को समाप्त कर दिया है इसलिए दिन में कुछ समय डिजिटल फास्ट करके इससे बचा जा सकता है। तंबाकू और गुटका दीमक की तरह शराब  से मिलकर अच्छे से अच्छे शरीर को खा जाते हैं। इसलिए पता चलने पर इलाज तुरंत करावे  ।* "नशा एक रोग है जिसका इलाज संभव है" यह संदेश हर नशावान परिवार में पहुंचना है ताकि इसकी पीड़ा से विशेष  महिलाएं जो पीड़ित होती है वे प्रारंभिक अवस्था में ही समय पर नशा छुड़ा सके। 
इस अवसर पर नशा निवारण की औषधीय का निशुल्क वितरण भी डॉक्टर पी सी जैन द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रियंका, राजी, मोनिका, सोनू, सावित्री, चेतन, अभय नशा मुक्ति प्रेरक बनी।
डीन डॉ दृष्टि सोलंकी ने इस तरह के नशा मुक्ति कार्यक्रम हर 6 माह में करने का डॉ जैन से आग्रह किया।
वार्डन सरला जी एवं मेट्रन इस तरह के कार्यक्रम हर 6 महीने में करने का आग्रह किया।
[25/02, 1:47 pm] Inner Wheel,Advocate Babita Jain Jain: Inner Wheel Club of Udaipur द्वारा आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. पी.सी. जैन ने नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही प्रेसिडेंट चंद्रकला कोठारी ने Inner Wheel के इतिहास, उद्देश्यों और सेवा कार्यों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने क्लब के सेवा, मित्रता और अंतरराष्ट्रीय समझ के मूल मंत्र पर प्रकाश डाला।

चंद्रकला कोठारी एवं बबीता ने ग्लोबल साइन का प्रैक्टिकल प्रदर्शन कर छात्राओं को विस्तार से समझाया कि आपात स्थिति में यह संकेत किस प्रकार स्वयं की सुरक्षा और दूसरों की सहायता के लिए उपयोगी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे मदद मांग सकें और दूसरों की भी सहायता कर सकें।इस अवसर पर क्लब मेंबर्स चंद्र कला कोठारी, एडी बबीता जैन निशा अग्रवाल, उपस्थित रही।
[25/02, 3:19 pm] Dr P C Jain: Inner Wheel Club of Udaipur द्वारा आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. पी.सी. जैन ने नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही प्रेसिडेंट चंद्रकला कोठारी ने Inner Wheel के इतिहास, उद्देश्यों और सेवा कार्यों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने क्लब के सेवा, मित्रता और अंतरराष्ट्रीय समझ के मूल मंत्र पर प्रकाश डाला।

चंद्रकला कोठारी एवं बबीता ने ग्लोबल साइन का प्रैक्टिकल प्रदर्शन कर छात्राओं को विस्तार से समझाया कि आपात स्थिति में यह संकेत किस प्रकार स्वयं की सुरक्षा और दूसरों की सहायता के लिए उपयोगी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे मदद मांग सकें और दूसरों की भी सहायता कर सकें।इस अवसर पर क्लब मेंबर्स चंद्र कला कोठारी, एडवोकेट बबीता जैन निशा अग्रवाल, उपस्थित रही।
 


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