जिंक कौशल केंद्र, चंदेरिया में कौशल विकास प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले युवाओं के लिए भव्य दीक्षांत (स्नातक) समारोह का आयोजन किया गया। जिंक कौशल केंद्र, चंदेरिया, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड एवं टाटा स्ट्राइव की साझेदारी से संचालित इस संयुक्त पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को निःशुल्क, उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्थायी रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र राहुल देव सिंह एवं हेड इंजीनियरिंग, चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्सी अनृत मुखर्जी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। अतिथियों ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए युवाओं को निरंतर प्रशिक्षण रहने, लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा कौशल आधारित करियर जागरूकता के लिए प्रेरित किया। अनृत मुखर्जी ने जिंक कौशल केंद्र में प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के विस्तार तथा उद्यमिता विकास कार्यक्रम से संबंधित प्रशिक्षण को बढ़ाने में विशेष रुचि व्यक्त की।
कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिं़क से सुन्दर राज नायडू, अभय गौतम, जी मल्लेशम मनीषा भाटी, राधिका खिरिया एवं सीएसआर टीम, टाटा स्ट्राइव प्रदीप लिंगवत, राजदीप साहा, तृप्ति धनानिया, राजकुमार खत्री एवं जिंक कौशल केंद्र की सेंटर टीम भी कार्यक्रम में उपस्थित रही। वर्ष 2025-26 में जिंक कौशल केंद्र, चंदेरिया में कुल 302 युवाओं ने “बिजनेस डेवलपमेंट एग्जीक्यूटिव, फ्रंट ऑफिस एसोसिएट (होटल मैनेजमेंट), असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन एवं सोलर पीवी ड्राइंगर” ट्रेड्स में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण किया एवं वर्तमान में 67 युवा प्रशिक्षणरत हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ युवा विकास मॉड्यूल के अंतर्गत व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, व्यावसायिक शिष्टाचार, टीमवर्क, पेशेवर व्यवहार एवं साक्षात्कार तैयारी जैसे विषय शामिल किए गए हैं, जिससे प्रशिक्षु पूर्णतः रोजगार हेतु प्रशिक्षित हो सकें।
समारोह के दौरान 9 पूर्व छात्रों ने अपनी सफलता एवं प्रेरणात्मक अनुभव साझा किये। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रिंटिंग पार्टनर उभर के 7 वरिष्ठ प्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने जिंक कौशल केंद्र द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं रोजगार परिणामों की सराहना की। उद्योग-संलग्न कौशल प्रशिक्षण एवं सीएसआर आधारित पहलें शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने में बेहद प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। कार्यक्रम में 120 सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।