सौंदर्य प्रसाधन मानी जाने वाली नेल पॉलिश का दुरुपयोग अब एक खतरनाक नशे के रूप में सामने आ रहा है। नशा निवारण अभियान में लगे डॉ पी सी जैन के अनुसार नेल पॉलिश और नेल पॉलिश रिमूवर,पेट्रोल,थिनर,में मौजूद कुछ रासायनिक पदार्थों की सूंघने (Inhalation) की आदत युवाओं में नशे की लत पैदा कर सकती है।
डॉ पी सी जैन ने बताया कि इनमें में पाए जाने वाले टोल्यून, एसीटोन और अन्य वाष्पशील रसायन सीधे मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। शुरुआत में इससे चक्कर, झूठी खुशी और नशे जैसा अहसास होता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत गंभीर रूप ले लेती है।
नेल पॉलिश के नशे से होने वाले दुष्प्रभाव
याददाश्त कमजोर होना,सिरदर्द, चक्कर और उलझन,पढ़ाई में ध्यान न लगना,मानसिक तनाव और व्यवहार में बदलाव,लंबे समय में तंत्रिका तंत्र को नुकसान।उन्होंने चेतावनी दी है कि यह एक नशा छिपा हुआ नशा है।वे राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रिकल्चर के ऐन ऐन ऐस शिविर में अपना प्रेजेंटेशन में बोल रहे थे।प्रारंभ में स्क्रीन एडिक्शन को ड्रग एडिक्शन के बराबर होना उन्होंने बताया।शराब ,तंबाखू के नशे के बारे में डॉ जैन विशेष चर्चा करी।
स्त्री और पुरुष के शरीर पर विभिन्न प्रकार के नशे की प्रतिक्रिया पर उन्होंने बताया कि शारीरिक रचना के अनुसार हर प्रकार का नशा स्त्रियों को पुरुष की अपेक्षा अधिक नुकसान करता है।
कॉलेज के डीन डॉक्टर एम के मेहला ने इस प्रकार के कार्यक्रम को बराबर करते रहने का आग्रह किया। नशा गीत "आजा रे रो रो के घर के सारे बदनाम ना हो यह नशा"सबने मिलकर गाया।
ऐन ऐस एस इंचार्ज डॉक्टर हरि सिंह मीणा असिस्टेंट प्रोफेसर ने डॉक्टर पी सी जैन को धन्यवाद ज्ञापित किया।