पंच गौरव योजना के तहत उंदरी में महुआ महोत्सव

( 824 बार पढ़ी गयी)
Published on : 27 Feb, 26 18:02

जन जागरूकता के साथ पौध वितरण

पंच गौरव योजना के तहत उंदरी में महुआ महोत्सव

उदयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर संचालित पंच गौरव योजना के अंतर्गत उंदरी क्षेत्र में वन विभाग की ओर से मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को जिले के “पंच गौरव” से रूबरू कराना तथा उनके संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करना रहा।

योजना के तहत जिले के पांच प्रमुख घटकों एक जिला एक उत्पाद (मार्बल एवं ग्रेनाइट), एक जिला एक उपज (सीताफल), एक जिला एक वनस्पति प्रजाति (महुआ), एक जिला एक खेल (तैराकी) तथा एक जिला एक पर्यटक स्थल के रूप में फतेहसागर झील एवं पिछोला झील के समग्र विकास एवं संरक्षणकृको केंद्र में रखकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उंदरी स्थित शहीद रतन लाल मीणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, स्थानीय निवासियों एवं ग्राम्य वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। वन विभाग ने विशेष रूप से महुआ एवं सीताफल से संबंधित उपयोगी जानकारी साझा की। कठपुतली एवं कच्ची घोड़ी नाटक के माध्यम से भी संरक्षण का संदेश दिया गया।

उप वन संरक्षक मुकेश सैनी ने बताया कि महुआ से बनने वाले विभिन्न उत्पादों और उनके आर्थिक लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि स्थानीय लोग महुआ का व्यावसायिक उपयोग कर आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम में महुआ वृक्षारोपण एवं पौध वितरण भी किया गया। महुआ एक बहुउपयोगी वृक्ष है, जो मुख्य रूप से आदिवासी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके फूल, फल, बीज, पत्ते, छाल और लकड़ी सभी का उपयोग होता है। महुआ के फूलों से लड्डू, पेड़ा और चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। दक्षिणी राजस्थान में महुआ का विशेष सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है। यह वृक्ष आदिवासी समाज की परंपरा, संस्कृति और आस्था से गहराई से जुड़ा हुआ है। उदयपुर जिले में महुआ को वनस्पति प्रजाति के रूप में चयनित करने का उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस उत्सव के माध्यम से आमजन को महुआ के महत्व, उपयोगिता और संरक्षण के प्रति व्यापक जानकारी प्रदान की गई।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.