छोटे-छोटे व्रतों से इन्सान में बड़ा परिवर्तन सम्भव - साध्वी त्रिशला कुमारी

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Published on : 28 Feb, 26 16:02


उदयपुर। अणुव्रत आंदोलन के प्रवर्तक गुरुदेव श्री तुलसी के 112 वें जन्मोत्सव पर अणुव्रत विश्व भारती के तत्वावधान में अणुव्रत समिति उदयपुर द्वारा भुवाणा स्थित महाप्रज्ञ विहार तेरापंथ भवन में साध्वी श्री त्रिशला कुमारी थाणा-5 के सानिध्य में आयोजित किया गया।  
अणुव्रत दिवस के अवसर पर तुलसी सिंहनाद विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित श्रावक व श्राविकाओं ने संयम, सत्य और सदाचार के संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।  इस अवसर पर अणुव्रत समिति, पंकज भंडारी व  थली परिषद ने अणुव्रत गीतों की प्रस्तुति दी। साध्वी श्री रश्मि प्रज्ञा ने अपने मधुर गीतिका से आचार्य श्री तुलसी का गुणानुवाद किया। इस अवसर पर साध्वी श्री निश्चय प्रभा जी ने अपने वक्तव्य में आचार्य तुलसी द्वारा किए गए नारी जाति के उत्थान की महिमा बताई। अणुव्रत समिति अध्यक्ष प्रणिता  तलेसरा ने  आचार्य तुलसी के जीवन और कार्यों को याद करते हुए कहा कि हम उनके आदर्श और मूल्यों को अपनाने का प्रयास करें और उनके मूल्यों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें। साध्वी श्री त्रिशला कुमारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस दिवस पर एक कदम आत्म शुद्धि और समाज शुद्धि की ओर बढ़ाएं तभी आचार्य श्री तुलसी को सच्ची श्रद्धांजली होगी।
साध्वी श्री ने बताया कि आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन, प्रेक्षा ध्यान और जीवन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की जिसका उद्देश्य नैतिक क्रांति, मानसिक शांति और व्यक्तित्व निर्माण करना था। उन्होंने नारी जागरण, संस्कार निर्माण और रूढ़ीवाद उन्मूलन जैसे विषयों पर भी काम किया। समिति के संरक्षक श्री गणेश डागलिया ने आचार्य तुलसी से सम्बंधित अपने अनुभव सुनाए । पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर सुरेंद्र छंगाणी ने अपने विचार व्यक्त किये। तेरापंथ सभा उदयपुर के विनोद कच्छारा, युवक परिषद के मंत्री विनोद फुलफगर, समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र सेन ने अपने विचार रखें। बहनों ने बदले युग की धारा गीतिका द्वारा मंगलाचरण किया। सूरत सभा के अध्यक्ष हजारी मल भोगर ने अपने वक्तव्य में कहा कि आचार्य श्री तुलसी ने मानव जाति पर बड़ा उपकार किया। इस अवसर पर सभी ने आचार्य तुलसी को श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए उनके विचारों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन साध्वी श्री कल्प यशा ने किया। कार्यक्रम में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम व  अणुव्रत समिति के  पदाधिकारी मौजूद थे।


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