जैसलमेर । भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ,नई दिल्ली द्वारा आयोजित पूसा कृषि मेला 25 से 27 फरवरी 2026 में जैसलमेर के प्रगतिशील किसान श्री दिलीप सिंह गहलोत को IARI इनोवेटिव फॉर्मर सम्मान से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित इस मेले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्व महानिदेशक एवं DARE सचिव डॉ आर एस परोदा , डॉ सी एच श्री निवास राव निदेशक ,भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), डॉ आर एन पडारिया, संयुक्त निदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र के श्री दिलीप सिंह गहलोत को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार करने वाले नवोन्मेषी किसान की श्रेणी में सम्मानित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रगतिशील किसान श्री दिलीप सिंह गहलोत ने खारे पानी को सिंचाई के लिए उपयुक्त बनाने हेतु, 2/25/3 इंच व्यास और 3-4 फीट लंबाई के स्टील पाइप (304 ग्रेड) या तांबे के पाइप पर 5000-14000 गेज के 4 या 6 नियोडिमियम चुंबक आमने-सामने रखे जाते हैं। ये चुंबक पाइप के अंदर एक प्रबल चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं, जिससे क्षारीय जल प्रवाहित होता है। इस चुंबकीय क्षेत्र से प्रभावित क्षारीय जल चुंबकीय जल में परिवर्तित हो जाता है।खारे पानी में मौजूद आयन चुंबकीय क्षेत्र से गुजरने पर टूट जाते हैं, जिससे जल की गुणवत्ता में सुधार होता है और यह सिंचाई के लिए उपयुक्त हो जाता है।इस चुंबकीय क्षेत्र से प्रभावित क्षारीय जल चुंबकीय जल में परिवर्तित हो जाता है, जिससे कृषि कार्यों को अनेक प्रकार से लाभ होता है, जैसे: यह मिट्टी और पौधों की कोशिकाओं में जल के अवशोषण को बढ़ावा देता है, जिससे फसल की उत्पादन क्षमता 15 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और उसे स्वस्थ बनाता है।मिट्टी की कठोरता कम करता है।राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विशाल भौगोलिक क्षेत्र में खारे भूजल की स्थिति को देखते हुए इस नवाचारी यंत्र के उपयोग की अपार संभावनाएं हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर के सतत मार्गदर्शन श्री दिलीप सिंह गहलोत ने इस यंत्र को अपने खेत पर मॉडल रूप में स्थापित करके अनेक कृषि आयोजनों मंचों में अपने नवाचार का प्रदर्शन किया । ऐसे ही नवाचारी किसानों की भारतीय कृषि तकनीकी एवं अनुप्रयोग संस्थान जोधपुर के प्रदर्शनी में ICAR के महानिदेशक डॉ एम एल जाट के सम्मुख भी उन्होंने इस नवाचारी यंत्र को प्रदर्शित किया। भारतीय कृषि तकनीकी एवं अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोधपुर के निदेशक डॉ जे पी मिश्रा के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर द्वारा उनके इस नवाचारी प्रयोग को IARI इनोवेटिव फॉर्मर सम्मान हेतु नामांकन करवाया गया जिसमें उनके उत्कृष्ट नवाचार को देखते हुए यह सम्मान प्राप्त हुआ ।
श्री दिलीप सिंह गहलोत द्वारा किए गए नवाचारी, प्रेरणादायक एवं किसान-हितैषी प्रयास न केवल क्षेत्रीय किसानों के लिए मार्गदर्शक हैं, बल्कि राज्य ओर राष्ट्रीय स्तर पर सतत कृषि विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करते हैं। यह सम्मान देश के दूरस्थ क्षेत्रों मेंआने वाले जिले जैसलमेर को राष्ट्रीय स्तर पर यहां के किसान की प्रगतिशील सोच दूरदर्शी सोच को मिला सम्मान है जो कि जिले के समस्त कृषक समुदाय के लिए गर्व का विषय है।