बांसवाड़ा। राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग में आए दिन नवाचार के नाम पर तुगलगी आदेशों से परेशान शिक्षकों कर्मचारियों ने अपने विद्यालय में संगठनों को न केवल आड़े हाथों लेने के चलते शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ओर शिक्षा अधिकारीयो के समक्ष हर संगठन ने कड़ा आक्रोश जताया और जर्जर शाला भवन के छाया चित्रों ओर मीडिया की न्यूज कटिंगों की कतरनों की फाइल भेंट कर शीघ्र समाधान की मांग की गई।
*भवन मरम्मत ओर नव निर्माण में शिक्षकों की कोई भूमिका नहीं होती हैं तो फिर जर्जर खंडहरों खस्ताहाल स्कूलों के भवन गिरने पर शिक्षक कर्मचारी क्यों निलम्बित होते है ?*
शिक्षक संघ सियाराम ने विभिन्न शिक्षक संघो की राज्य सरकार द्वारा आयोजित जयपुर बैठक में पुरजोर शब्दों में कहा कि भवन मरम्मत ओर नव निर्माण में शिक्षकों की कोई भूमिका नहीं होती हैं तो फिर जर्जर खंडहरों खस्ताहाल स्कूलों के भवन गिरने पर शिक्षक कर्मचारी क्यों निलम्बित होते है ।
*राजा का दण्ड फ़कीर को देने वाली कागज़ी सरकार*
*बातें बढ़ी बढ़ी करने ओर धरातल पर शून्य सरकार*
यह प्रश्न चिन्ह राज्य सरकार पर है विभिन्न संगठन ने राजा का दण्ड फ़कीर को दिए जाने पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि राजस्थान में सरकारी स्कूलों के भवन, कक्षा कक्ष, चार दिवारी, सहित एम डी एम कक्ष अत्यन्त जर्जर ओर खस्ताहाल है किन्तु राज्य सरकार केवल पत्राचार, सर्वे ओर कागज़ी कार्यवाही में व्यस्त हैं लेकिन धरातल पर कोई प्रगति नहीं है।
*शिक्षा मंत्री जी दो मुख्य विभागों के मंत्री, बयान केवल शिक्षा विभाग पर ही क्यों?*
शिक्षा मंत्री जी दो मुख्य विभागों के मंत्री है किन्तु बयान केवल शिक्षा विभाग पर ही देते है जबकि अधिकाश स्कूलों की समस्याओं का जनक उनका ही दूसरा विभाग पंचायत राज विभाग है क्योंकि अधिकांश विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों में आते है किन्तु सुविधाओं पर मौन क्यों है
शैक्षिक सत्र समाप्त होने को है किन्तु राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त अनुदान बज़ट एस एन ए (singal nodal accounts) के ठोर ठिकाने नहीं है व्यापारियों ने सरकारी स्कूलों को उधार देने से इंकार कर दिया है कि पूर्व का बकाया जमा कराने पर ही आगे सामग्री दी जाएगी।
*राजस्थान भर में शिक्षकों के डेढ़ लाख पद विभिन्न संवर्ग के खाली*
इधर राजस्थान भर में शिक्षकों के डेढ़ लाख पद विभिन्न संवर्ग के खाली है और पदोन्नतियां रुकी हुई हैं जबकि वर्ष में दो बार पदोन्नतियां करने के कागजी आदेश जारी कर रखें है वास्तविक धरातल पर तृतीय वेतन श्रृंखला के छः वर्ष से,उसमें भी वाणिज्य संकाय के दो दशक से पदोन्नति नहीं हुई है और द्वितीय वेतन श्रृंखला की चार वर्ष से,व्याख्याताओं की तीन साल की ओर उप प्रधानाचार्य एवम् प्रधानाचार्य के पदोन्नति पर पदस्थापन एक साल से लम्बित है तथापि राज्य सरकार 50%स्टॉफ से दुगना कार्य लेकर शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम गुणवत्ता युक्त मांगती हैं। पद नहीं भर कर बज़ट जारी कर पैसे बचा रही है सरकार?
*राज्य सरकार की कथनी करनी में विभेद करती, स्थानांतरण उद्योग बना*
स्थानांतरण को लेकर सभी संगठनों के सदस्यों ने बैठक में राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि डिजायर के नाम पर हफ्ता वसूली ओर दुकानदारी चल रही हैं लेकिन धरातल पर तृतीय वेतन श्रृंखला के पांच साल से स्थानांतरण लम्बित हैं जोकि निन्दनीय है जो स्थानांतरण चाहते है उनका नहीं हो रहा हैं और जो नहीं चाहते उनका दूरस्थ अन्तर जिला किया जा रहा हैं और बाद में सत्ता धारियों के कार्यकर्ता सेटिंग कर निरस्त करवा रहे हैं जोकि राज्य सरकार की कथनी करनी में विभेद करती है ।
उधर राजस्थान भर में परीक्षा प्रश्न पत्र बोर्ड परीक्षा पांचवीं कक्षा,आठवीं कक्षा,दसवीं कक्षा बारहवीं कक्षा से लेकर स्थानीय परीक्षाओं के प्रश्न पत्र थानों में रखवाए गए है किन्तु प्रश्न पत्र लाने एस्कॉर्ट करके सुरक्षित लाने,ले - जाने ओर उत्तर पुस्तिकाओ के बंडल संग्रहण केंद्र पर जमा करवाने की कोई राशि आवंटन आज तक वर्षों से विद्यालय को नहीं दे रही है सरकार और मापदंड ओर पारदर्शिता, परिशुद्धता के नाम पर तुगलगी आदेशों से शिक्षकों कर्मचारियों का आर्थिक शोषण कर रही हैं राजस्थान सरकार ।
राज्य सरकार द्वारा हर तीसरे आदेशों में उक्त कार्य जनसहयोग से पूर्ण करने के आदेश जारी हो ते है टीएसपी परिक्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में
कोई सहयोग नहीं देता है और संस्था प्रधान अथवा स्टॉफ साथियों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जाता हैं।
*राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम 83 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया*
इधर राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के प्रदेश प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने राजस्थान सरकार से अनुरोध करते हुए विद्यार्थियो, स्टॉफ शिक्षकों के मूत्रालय शौचालय निर्माण करने,कक्षा कक्ष निर्माण करने, सभी कार्मिक संवर्ग की पदोन्नतियां करने, डेढ़ लाख पद विभिन्न संवर्ग के भरने, सहित टीएसपी परिक्षेत्रों में शाला भवनों के मरम्मत बज़ट जारी करने, पांच वर्ष से रुके हुए यात्रा व्यय, चिकित्सा बजट आवंटन कराए जाने, खेल मैदान भूमि पर से अतिक्रमण हटाने,खेल बज़ट जारी करने सहित 83 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया।