राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी अपने नवाचारों के देश विदेश में मशहूर है। वे नाइट नए नवाचार करते है। इस बार उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुक्रवार को विधानसभा में राजस्थान प्रवासी फाउन्डेशन के साथ मिल कर राज्य की महिला सांसदो , महिला विधायको, प्रशासन, पुलिस सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं के सम्मान में एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया तथा समारोह में राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
स्पीकर देवनानी ने कहा कि नारी वह शक्ति है जिससे घर रोशन होता है, समाज मजबूत बनता है और राष्ट्र का गौरव बढ़ता है। श्री देवनानी ने जोर देकर कहा कि नारी ना तो अपनी बेटियों को कमजोर समझे और ना ही खुद को किसी से कमतर माने। उन्होंने राजस्थान की धरती को नारी शक्ति की वीरता, त्याग, भक्ति और साहस की अमर गाथाओं से समृद्ध बताया। राजस्थान की महिलाओं ने इतिहास से लेकर वर्तमान तक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय संस्कृति में नारी को सृजन, ममता और शक्ति का प्रतीक माना गया है। हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है- "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः"अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। राजस्थान के इतिहास में रानी पद्मिनी, पन्नाधाय, हाड़ी रानी और मीराबाई जैसी महान महिलाओं ने साहस, त्याग और भक्ति की ऐसी प्रेरणादायी मिसालें प्रस्तुत की हैं, जो आज भी समाज को मार्गदर्शन देती हैं।स्वतंत्रता संग्राम में भी राजस्थान की महिलाओं ने उल्लेखनीय योगदान दिया और देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभाई। आज के आधुनिक दौर में भी प्रदेश की महिलाएँ राजनीति, प्रशासन, पुलिस, खेल, विज्ञान, कला और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रही हैं। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति और सृजन का स्रोत माना गया है। आज जरूरत इस बात की है कि समाज और शासन व्यवस्था दोनों में महिलाओं को अवसर, सुरक्षा और सम्मान मिले। राजस्थान विधानसभा महिलाओं के सम्मान और सहभागिता को बढ़ाने के लिए निरंतर नवाचार करती रहेगी। समारोह को जयपुर की सांसद मंजू शर्मा और महिला एवं बाल विकास मंत्री मंजू बाघमार ने भी सम्बोधित किया।
देवनानी ने समारोह में महिलाओं के साथ महिला दिवस पर कैक काटा और सभी महिलाओं को खिलाया। उन्होंने महिलाओं का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। समारोह में विधायकगण, पूर्व महापौर, राज्य की वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारीगण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर रही महिलाएं शामिल थी।
इस प्रकार राजस्थान विधानसभा में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक अनूठे और प्रेरक अंदाज में मनाया गया।विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र में उनकी बढ़ती भूमिका का प्रतीक बनकर सामने आया।इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य यह संदेश देना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय-प्रक्रिया में भी बराबरी का स्थान मिलना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान महिला कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के योगदान को रेखांकित किया गया। कई महिला अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में काम करने से उन्हें समाज के विकास में प्रत्यक्ष योगदान देने का अवसर मिलता है।
देवनानी द्वारा शुरू की गई यह पहल इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि विधानसभा जैसे गंभीर और औपचारिक संस्थान में महिला दिवस को रचनात्मक और प्रेरणादायक रूप में मनाने का यह एक नया प्रयोग है। इससे यह संदेश गया कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब महिलाओं की भागीदारी हर स्तर पर सशक्त और सक्रिय होगी।इस तरह राजस्थान विधानसभा में मनाया गया यह अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बनकर उभरा।