किसान के बेटे ने आईएएस बनकर रचा इतिहास

( 1423 बार पढ़ी गयी)
Published on : 06 Mar, 26 18:03

 खेतों की मिट्टी से देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा तक पहुंचना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन फलोदी के होनहार युवा मयंक पुरोहित ने यह कर दिखाया। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले मयंक ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया 33वीं रैंक हासिल कर आइएएस बनने का सपना साकार किया। यह सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि छोटे शहरों और सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा है। किसान परिवार में पले-बढ़े मयंक के पिता ममसा पुरोहित और दादा अर्जुनलाल पुरोहित समाज से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। खेतों में पिता की मेहनत को देखकर मयंक ने मेहनत और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाया और हर चुनौती को अवसर में बदला।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.