जनसुनवाई में चाय व्यापारियों ने उठाई फीस हटाने की मांग

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Published on : 07 Mar, 26 13:03

रेल विस्तार के सुझाव, स्थानीय समस्याओं के समाधान पर सांसद का हस्तक्षेप

जनसुनवाई में चाय व्यापारियों ने उठाई फीस हटाने की मांग

उदयपुर। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने शनिवार को जिला परिषद स्थित सांसद सेवा केंद्र में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने यूडीए, रेलवे, नगर निगम, जिला परिषद, पेंशन विभाग, सड़क तथा जल जीवन मिशन से संबंधित समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही शहर में अवैध अतिक्रमणों को लेकर भी शिकायतें सामने आईं।

जनसुनवाई के दौरान उदयपुर टी मर्चेेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीलाल ओस्तवाल, उपाध्यक्ष नरेश कुमार जैन सहित अन्य सदस्यों ने सांसद से मुलाकात कर राज्य में चाय-पत्ती पर लगाए गए 0.50 प्रतिशत कृषक कल्याण शुल्क को हटाने की मांग की। प्रतिनिधियों ने बताया कि कृषि विपणन निदेशालय, जयपुर द्वारा 16 सितंबर 2025 को जारी आदेश के अनुसार मण्डियों में चाय पत्ती पर यह शुल्क वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने चाय को आमजन का पेय मानते हुए इस पर प्रस्तावित कृषि मण्डी शुल्क को स्थगित कर दिया था, जो अब तक यथावत है।

व्यापारियों का कहना था कि राजस्थान में चाय पत्ती का उत्पादन या प्रोसेसिंग नहीं होती, जबकि जिन राज्यों में चाय की खेती होती है वहां भी ऐसा कोई शुल्क नहीं लगाया गया है। राजस्थान के आसपास के राज्यों में भी 5 प्रतिशत जीएसटी के अलावा कोई अतिरिक्त कर नहीं लिया जाता। ऐसे में यह शुल्क लागू होने से दूसरे राज्यों से सीधे चाय की बिक्री बढ़ सकती है और राज्य के जीएसटी राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसी दौरान राणा प्रतापनगर के पास ढीमडी बस्ती, रेलवे कॉलोनी का रास्ता बंद होने की समस्या भी नागरिकों ने सांसद के समक्ष रखी। इस पर सांसद रावत ने तुरंत रेलवे अधिकारियों से फोन पर बात कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। बताया गया कि रेलवे विभाग द्वारा यहां कार्यालय और अधिकारियों के क्वार्टर बनाए जा रहे हैं, जिसके चलते वर्षों से उपयोग में लिया जा रहा रास्ता बाउंड्री वॉल बनाकर बंद किया जा रहा था।

रेलवे सेवाओं को लेकर भी कई सुझाव दिए गए। नागरिकों ने उदयपुर–रतलाम ट्रेन के समय में बदलाव और दक्षिण भारत के लिए नई रेल सेवा शुरू करने की मांग रखी। साथ ही बताया कि अजमेर–सियालदह–अजमेर ट्रेन प्रतिदिन अजमेर स्टेशन पर लगभग 11 घंटे खड़ी रहती है, इसे उदयपुर तक बढ़ाया जाए ताकि आसपास के जिलों के हजारों जैन श्रद्धालुओं को पारसनाथ सम्मेद शिखर तीर्थ की यात्रा में सुविधा मिल सके।

इसी प्रकार लोकशक्ति एक्सप्रेस, जो प्रतिदिन मुंबई–अहमदाबाद–मुंबई के बीच चलती है, सुबह 4:20 बजे अहमदाबाद पहुंचकर शाम 8:45 बजे रवाना होती है और लगभग 16 घंटे अहमदाबाद में खड़ी रहती है। नागरिकों ने सुझाव दिया कि इस ट्रेन के समय का बेहतर उपयोग करते हुए इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।

वहीं रतलाम–उदयपुर–रतलाम एक्सप्रेस (19327/19328) के समय में भी परिवर्तन की मांग की गई। वर्तमान में यह ट्रेन रात 11:35 बजे उदयपुर पहुंचती है और 1:35 बजे वापस रवाना हो जाती है, जिससे यात्रियों की संख्या बेहद कम रहती है। सुझाव दिया गया कि यदि इस ट्रेन का उदयपुर से प्रस्थान सुबह 6 बजे किया जाए और इसे भोपाल तक विस्तारित किया जाए तो यात्रियों को अधिक लाभ मिलेगा।

इसके अलावा यूआईटी कन्वर्टेड संजय कॉलोनी, राताखेत (वार्ड नंबर 10) के नागरिकों ने डॉ. जगदीश नकेला से शंकर सोलंकी तक सीसी रोड और नालियों के निर्माण की मांग को लेकर भी परिवाद प्रस्तुत किया।


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