उदयपुर। संस्कृतभारती के तत्वावधान में निम्बार्क संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सूरजपोल में आयोजित संस्कृत संभाषण शिविर का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृतभारती की प्रांत श्लोक पाठन आयाम प्रमुख डॉ. रेनू पालीवाल, तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता एसटीसी प्राचार्या श्रीमती माया खंडेलवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महानगर संपर्क प्रमुख डॉ. भूपेंद्र शर्मा, विभाग संयोजक दुष्यंत नागदा, आचार्य दयाशंकर शर्मा तथा आचार्य पंकज शर्मा उपस्थित रहे।
महानगर मंत्री नरेंद्र शर्मा ने बताया कि शिविर के प्रशिक्षक गौरव साहू रहे जो 1 वर्ष में 51 संस्कृत संभाषण शिविर चलाकर संस्कृतभारती के इस विशेष अभियान को गति प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण से हुआ। इसके पश्चात बालिका भूमिका, जोशना और साक्षी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की तथा बालक अंकुश योगी ने ध्येय मंत्र का वाचन किया। देवनंदना, रेनू और सपना द्वारा शिविर गीत प्रस्तुत किया गया। बालक प्रवीण और बालिका साक्षी ने शिविर के अनुभव साझा करते हुए संस्कृत बोलने के आत्मविश्वास की बात कही। बालक सुनील शर्मा ने संस्कृत गीत एवं ऐक्य मंत्र प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. रेनू पालीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत की सूक्तियां ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देकर विश्व शांति और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करती हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. भूपेंद्र शर्मा आदि ने भी विचार रखे।
अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि संस्कृतभारती द्वारा 51 संस्कृत संभाषण शिविरों के संकल्प के अंतर्गत यह तीसरा शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं संस्कृतभारती के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।