श्रीगंगानगर। स्थानीय गुड शेफर्ड पब्लिक स्कूल मार्ग (वेदप्रकाश जोशी मार्ग) पर स्थित रिद्धि सिद्धि आशियाना कॉलोनी के अंदर मास्टर प्लान की 60 फुट चौड़ी सड़कों पर कॉलोनाइजर द्वारा किए गए कब्जों को तत्काल हटाने की मांग को लेकर मास्टर प्लान संघर्ष समिति ने आज नगर विकास न्यास (यूआईटी) कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने कॉलोनाइजर और यूआईटी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और यूआईटी सचिव को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
समिति के सदस्य रामफल विश्नोई ने किस दौरान पत्रकारों को बताया कि वेदप्रकाश जोशी मार्ग पर राधा कृष्ण मंदिर से पूर्व-पश्चिम दिशा में रिद्धि सिद्धि आशियाना कॉलोनी के चक 4-ई छोटी के मुरब्बा नंबर 38, 37 तथा 36 होते हुए कर्नल चीमा मार्ग तक मास्टर प्लान की 60 फुट चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। इसी प्रकार उत्तर-दक्षिण दिशा में मुरब्बा नंबर 38 और 37 के बीच भी मास्टर प्लान रोड है। समिति ने इन दोनों मार्गों पर पूर्ण रूप से लाल निशान लगाने और कॉलोनाइजर व अन्य व्यक्तियों द्वारा किए गए सभी कब्जों को तुरंत हटाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि रिद्धि सिद्धि आशियाना कॉलोनी के अंदर चक 4-ई छोटी के मुरब्बा नंबर 38, 37 तथा 36 पर कॉलोनाइजर द्वारा पार्क बना दिया गया है, जिससे मास्टर प्लान रोड पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। उत्तर-दक्षिण की मास्टर प्लान सड़क पर अभी तक लाल निशान भी नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा कॉलोनी के मुख्य द्वार पर गेट लगाकर आम रास्ते को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों के आवागमन में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है।
रामफल बिश्नोई ने चेतावनी देते हुए कहा कि दोनों मार्ग मास्टर प्लान के अनुसार 60 फुट चौड़े सड़क के रूप में स्वीकृत हैं। यदि इन पर सही तरीके से निशानदेही नहीं की गई और लगाए गए अवरोध नहीं हटाए गए तो भविष्य में सड़क निर्माण तथा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में गंभीर बाधाएं आएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि समिति शहर भर में मास्टर प्लान की सड़कों को मूल स्वरूप में लागू करवाने और अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार जनआंदोलन चला रही है।
इस अवसर पर मास्टर प्लान संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्यों में रामफल बिश्नोई, पूर्व पार्षद सुशीलकुमार पप्पू, शेरसिंह लावा, जयपाल शर्मा, पूर्णचंद शर्मा, नरेश शर्मा, चुन्नीलाल, बग्गासिंह, राकेश जोशी, विजयकृष्ण कौशिक, आशीष सिंह, दयाराम, सतीश गोयल और संजीव ठाकुर उपस्थित रहे।
समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यूआईटी द्वारा जल्द ही मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा उच्च स्तर पर शिकायत की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर समिति का समर्थन करते हुए कहा कि मास्टर प्लान की सड़कें जनता की संपत्ति हैं और इन्हें किसी भी व्यक्ति या कॉलोनाइजर द्वारा हड़पने की अनुमति नहीं दी जा सकती।