हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान में स्थापित होने वाले जिंक पार्क में जिंक एलॉय बनाने के लिए सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ की पार्टनरशिप

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Published on : 11 Mar, 26 15:03

भारत की लीडिंग नॉन-फेरस रीसाइक्लिंग कंपनी के साथ कोलेबोरेशन से जिंक पार्क में बढ़ते इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती

उदयपुर। विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रोड्यूसर और शीर्ष पांच सिल्वर उत्पादक में से एक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने राजस्थान में स्थापित होने वाले जिं़क पार्क में जिं़क एलाॅय बनाने के लिएउ सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये। सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी है और विश्व में सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। यह राजस्थान में जिंक पार्क के लिए दूसरी बड़ी पार्टनरशिप है, इससे पहले हिंदुस्तान जिंक ने त्रिपुरा ग्रुप के साथ एमओयू किया है, यह जिंक-बेस्ड इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के लिए भारत के पहले इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम के तौर पर पार्क की स्थिति  को और मजबूत करता है।

 

एमओयू  के तहत, सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज जिंक पार्क में एक मैन्युफैक्चरिंग सुविधा बनाएगी जो हाई-क्वालिटी, कम-एमिशन वाले जिंक एलॉय बनाने पर फोकस करेगी। ये एलॉय ऑटोमोटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर, डाई-कास्टिंग और कंज्यूमर गुड्स जैसी इंडस्ट्रीज के लिए बहुत जरूरी हैं। यह प्रोजेक्ट जिंक की डाउनस्ट्रीम वैल्यू एडिशन को संभव करेगा, साथ ही सस्टेनेबल मेटल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देगा और इंडस्ट्रियल मटीरियल में भारत की आत्मनिर्भरता में सहायक होगा।

 

जिंक पार्क की घोषणा सबसे पहले राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री, श्री भजन लाल शर्मा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दौरान की थी, जिसमें वेदांता ग्रुप के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने इसे भारत के डाउनस्ट्रीम मेटल्स इकोसिस्टम के लिए एक बदलाव लाने वाली पहल के तौर पर बताया था। हिंदुस्तान जिंक और रीको द्वारा मिलकर विकसित किए गए इस पार्क का मकसद जिंक मैन्युफैक्चरिंग के लिए पूरी तरह से इंटीग्रेटेड, रिन्यूएबल एनर्जी से चलने वाला हब बनाना है। हिंदुस्तान जिंक के चंदेरिया, दरीबा और देबारी ऑपरेशन्स के पास होने से मजबूत लॉजिस्टिक्स और भरोसेमंद रॉ मटेरियल सप्लाई सुनिश्चित होती है।

 

जिंक पार्क का विकास इंडस्ट्रियल ग्रोथ और इनोवेशन के लिए राज्य के लगातार कमिटमेंट को दिखाता है। इस पार्क में एमएसएमई और गैल्वनाइजिंग, डाई-कास्टिंग, जिंक ऑक्साइड प्रोडक्शन और इससे जुड़े कामों में लगे बड़े एंटरप्राइज को स्थापित करने की योजना है। पक्का रॉ मटेरियल लिंकेज, लंबे समय के सप्लाई एग्रीमेंट, कमर्शियल इंसेंटिव और स्ट्रक्चर्ड परफॉर्मेंस फ्रेमवर्क देकर, जिंक पार्क राज्य में वैल्यू क्रिएशन, रोजगार पैदा करने और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक कैटलिस्ट बनने के लिए तैयार है। यह पहल न केवल राजस्थान के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को मजबूत करती है, बल्कि मेटल-बेस्ड इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी के लिए ग्लोबल हब बनने के भारत के विजन से भी जुड़ी है।

 

जिंक एलॉय अपनी मजबूती, करोजन रेजिस्टेंस और रिसाइकिल होने की वजह से प्रचलित हो रहे हैं। इनका उपयोग ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर अप्लायंसेज, हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लीकेशन के लिए डाई-कास्टिंग कंपोनेंट्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है, जिससे ये मॉडर्न इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन के लिए आवश्यक मेटल जाते हैं। जिंक पार्क की यह फैसिलिटी मेटल रिकवरी और रीयूज के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को बढ़ावा देते हुए बढ़ती घरेलू और इंटरनेशनल डिमांड को पूरा करेगी।

 

इस उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि, “जिंक पार्क जिंक-बेस्ड एप्लिकेशन के जरिए इंडस्ट्रियल ग्रोथ, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने का एक स्ट्रेटेजिक विजन है। हमें इस सफर में सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज का पार्टनर के तौर पर शामिल कर प्रसन्नता है। नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग में उनकी लीडरशिप और एलॉय प्रोडक्शन में उनकी मजबूत क्षमताएँ भविष्य के लिए तैयार, इनोवेशन-ड्रिवन जिंक इकोसिस्टम बनाने में अहम भूमिका निभाएँगी।”

 

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज की बड़ी ऑटोमोटिव कंपनियों और दूसरे मुख्य इंडस्ट्रियल प्लेयर्स के साथ पुरानी पार्टनरशिप है। इसका ऑपरेशन लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और मजबूत सस्टेनेबिलिटी की सोच से चलता है, जिसमें रीसायकल मेटल प्रोडक्शन से प्राइमरी मेटल की तुलना में 95 प्रतिशत तक कम एमिशन होता है। कंपनी सर्कुलर मेटल प्रोसेसिंग और एलॉय मैन्युफैक्चरिंग में गहरी एक्सपर्टीज रखती है, खासकर ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए, जो दुनिया भर में नॉन-फेरस एलॉय के सबसे बड़े कंज्यूमर्स में से एक है।

 

इस पार्टनरशिप के जरिए, हिंदुस्तान जिंक भारत के अपनी तरह के पहले डाउनस्ट्रीम जिंक इंडस्ट्रियल क्लस्टर को बनाने में तेजी ला रहा है, जिससे इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक वैल्यू को बढ़ावा मिल रहा है। यह घरेलू मूल्य संवर्धन को मजबूत करने, सर्कुलर अर्थव्यवस्था प्रथाओं को बढ़ावा देने और राजस्थान के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने में जिंक पार्क की भूमिका को और मजबूत करता है, साथ ही भारत के सस्टेनेबल मेटल और उन्नत विनिर्माण के लिए वैश्विक केंद्र बनने के दृष्टिकोण का समर्थन करता है।


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