उदयपुर, 1 बालीचा स्थित श्री ध्यानोदय तीर्थ से पूज्य गणिनी आर्यिका 105 श्री सुप्रकाश मति माताजी के सानिध्य में देवपुरी पार्श्वनाथ (गुजरात) के लिए भव्य तीर्थ वंदना पदयात्रा प्रारंभ हुई। इस पावन यात्रा में माताजी की तीन शिष्याओं सहित उदयपुर का सकल जैन समाज बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्मिलित हुआ। यात्रा 23 दिन में देवपुरी पंहुचेगी।
यह पदयात्रा लगभग 2000 वर्ष पुरानी प्राचीन एवं अतिशयकारी देवपुरी पार्श्वनाथ जैन तीर्थ तक जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस तीर्थ क्षेत्र में लगभग दो वर्ष पूर्व इस भूमि से देव रक्षित जिन प्रतिमाओं के प्रकट होने की जानकारी सामने आई थी, जिनका अतिशय भक्तों के लिए आस्था का विशेष केंद्र बना हुआ है।
पदयात्रा के शुभारंभ अवसर पर अपने प्रवचन में गुरु माँ सुप्रकाश मति माताजी ने कहा कि तीर्थ वंदना, वह भी पदयात्रा के रूप में और गुरु के सानिध्य में की गई यात्रा, करोड़ों जन्मों के पापों का नाश कर मन को शांत, पवित्र और ऊर्जावान बनाती है। इससे व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति होती है तथा जीवन को सकारात्मक दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि तीर्थ वंदना पदयात्रा केवल भ्रमण नहीं, बल्कि प्रभु के समीप पहुंचने की भावना और आत्मशुद्धि का माध्यम है।
गुरु माँ ने बताया कि यह यात्रा अरावली की शांत और प्राकृतिक वादियों से होते हुए झाड़ोल, खाखड़, मगवास, कोल्यारी, बिछीवाड़ा, फलासिया, सोम, डेया, अंबासा होते हुए देवपुरी पहुंचेगी। इस यात्रा में समाज का कोई भी सदस्य पैदल चलकर शामिल हो सकता है।
ध्यानोदय तीर्थ के चेयरमैन ओमप्रकाश गोदावत ने बताया कि यह पदयात्रा प्रतिदिन लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यात्रा संयोजक श्रावण कवालिया ने बताया कि मार्ग में रात्रि विश्राम एवं यात्रियों के भोजन और आवास की समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं राजकुमार जैन (मगवास) ने बताया कि यात्रा का प्रथम पड़ाव झाड़ोल रहेगा तथा आगे के पड़ाव आवश्यकता अनुसार निर्धारित किए जाएंगे।
यात्रा विधान संयोजक विपिन जैन ने बताया कि पदयात्रा 4 अप्रैल को देवपुरी पहुंचेगी। इसके पश्चात 5 अप्रैल को गुरु माँ के सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ के समवशरण महा मंडल विधान में 108 जोड़ों द्वारा महाअर्चना का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो इस तीर्थ स्थल पर पहली बार आयोजित होगा।
गुरु माँ ने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन तीर्थ वंदना पदयात्रा में सम्मिलित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया है। इस यात्रा के आयोजन में अखिल भारतीय सुप्रकाश ज्योति मंच के कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। मंच से जुड़े विनोद कीका वात, मनोज पाटनी, विमल कंठलिया (महामंत्री), अरविंद पाडलिया, जितेन्द्र रजावत, सुरेश डागरोजा, आदिनाथ मंदिर से जय दोशी, भगवती गोदावत तथा निर्मल मादावत सहित कई समाज जन सम्मिलत हुए ।
वहीं झाड़ोल समाज भी इस आयोजन में विशेष मंगल प्रवेश तैयारी कर रहा है। झाड़ोल समाज के अध्यक्ष हुकमीचंद जैन ने बताया कि माताजी की पदयात्रा का मंगल प्रवेश 15 मार्च को प्रातः 8 बजे झाड़ोल में होगा, जहां समाजजन भव्य स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।