उदयपुर। यह साबित करते हुए कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, उदयपुर के प्रतिभाशाली छात्र तन्मय दरक ने अपनी अद्भुत मानसिक क्षमता और एकाग्रता का परिचय देते हुए एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है। तन्मय ने अपनी विशेष प्रतिभा के दम पर रिकॉर्ड बनाकर इण्डिया बुक आॅफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
ब्लाइंडफोल्ड एक्टिविटी में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन-तन्मय दरक ने ब्लाइंडफोल्ड एक्टिविटी (आंखों पर पट्टी बांधकर) के माध्यम से शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 7 मिनट में 76 ऐतिहासिक स्मारकों और लैंडमार्क्स की पहचान कर उनके नाम बताएं। यह पहचान फ्लैश कार्ड्स पर दिखाई गई तस्वीरों के माध्यम से की गई। उस समय तन्मय की आयु 11 वर्ष 7 माह 5 दिन थी। इस उपलब्धि की पुष्टि 12 फरवरी 2026 को की गई।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में मिली सफलता-इस उपलब्धि के पीछे क्रिएंजा की संस्थापक डॉ. पश्मीना जैन का प्रेरणादायी मार्गदर्शन रहा। उनके द्वारा दिए गए वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रशिक्षण ने तन्मय दरक की मानसिक क्षमता, एकाग्रता और स्मरण शक्ति को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही ए ब्रेन कोच जयपुर के प्रशिक्षक प्रवीण पारीक एवं निशा पारीक द्वारा दिए गए विशेष सेंसरी एनहांसमेंट प्रशिक्षण और नियमित अभ्यास ने इस उपलब्धि को संभव बनाने में अहम योगदान दिया।
तन्मय के पिता सत्येंद्र दरक और माता नेहा दरक ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और नियमित अभ्यास से बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारा जा सकता है।
यह उपलब्धि न केवल उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है। संस्था ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में तन्मय दरक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे।