आध्यात्मिक रस-रंगों से ओत-प्रोत प्रेम, श्रृंगार और भक्तिपरक भजनों और गीतों की धमाल

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Published on : 15 Mar, 26 15:03

गुलाल और फूलों की होली के साथ झूमते रसियाओं ने मोहा मन

आध्यात्मिक रस-रंगों से ओत-प्रोत प्रेम, श्रृंगार और भक्तिपरक भजनों और गीतों की धमाल

बाँसवाड़ा / होली के बाद पखवाड़े भर तक कई धर्मधामों पर वागड़ की प्राचीन एवं कीर्तन परम्परा में फागोत्सव के अन्तर्गत फागोत्सव मण्डल की ओर से गायत्री मण्डल के तत्वावधान में रविवार को श्री पीताम्बरा आश्रम में फागुनी रस-रंगों की धूम और रसियाओं की धमाल रही। बड़ी संख्या में शामिल हुए रसिकों ने नृत्यों के संग उत्सवी आनन्द का सुकून पाया।

बड़ा रामद्वारा के संत श्री रामप्रकाश जी रामस्नेही महाराज एवं संत श्री उदयराम महाराज के सान्निध्य में आयोजित फाग राग रस-रंग महोत्सव की शुरूआत गायत्री मण्डल के मुख्य संरक्षक, पूर्व आयुक्त दिलीप गुप्ता ने हनुमानजी के श्रीविग्रह के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर की।

नामी भजन गायकों एवं वाद्या कलाकारों ने एक से बढ़कर एक परम्परागत और आधुनिक फागोत्सवी गीतों से ख़ासा समा बांधते हुए जीवन और जगत में भक्ति और आनन्द रसों का ज्वार उमड़ाते हुए आध्यात्मिक जीवन के अवलम्बन का संदेश दिया।

उत्सव में माधव जोशी ने ‘प्यार के सब रंग लेकर आ गई होरी...’, विनोद जोशी ने ‘अरे कन्हैया लई चाले तो बरसाने ले चाल...,’ को ओजस्वी वाणी में इस तरह लहरें पैदा कर दीं कि रसियाओं और रसिकों की टीम रह-रहकर उछाले मारते हुए नृत्य भंगिमाओं का दिग्दर्शन कराती रही।

वयोवृद्ध भजन कलाकारों में गजेन्द्र पंड्या ने रंग डारी गुलाबी चुनरिया रे... पर रसिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। किंकर कपिल जोशी ने मेरे नैनों मेँ मारी पिचकारी, चंद्रकांत कंसारा ने निर्लज्ज भये गोपाल, लोकेन्द्र पुरोहित ने दशरथ जी के महल मची होरी, विनय भट्ट ने ब्रजराज ने बंसी बजाई, राजेन्द्र वैष्णव ने झीनी झीनी उड़े रे ग़ुलाल, देवेन्द्र दोसी ने रसिया होरी मेँ, हरीश पंचाल ने आज होरी खेले शिवजी पार्वती के संग, केशव शर्मा ने क्यों चुपके चुपके पनघट पे आये नन्दलाल और विष्णु कंसारा ने जादू कर गयो नंदकुंवर पिचकारी मार के, के बोल पर लोकवाद्यों की धुनों पर जमकर भजन उल्लास बरसाया।

इस दौरान् सुशील त्रिवेदी ने तेरे लाला ने रंग डार्यो, नंदकिशोर वैष्णव ने राम नाम की होली एवं  शैलेन्द्र भट्ट ने तारा बिना श्याम आदि फाग भजनों की प्रस्तुति देते हुए अध्यात्म और जीवन के आह्लाद रंगों और आनन्दनपरक रसों से नहला दिया। वाद्य कलाकारों में पावन जैन ने ढोलक, ललित जोशी ने मंजीरे व हितेश वैष्णव ने करताल पर संगत दी।

साधिकाओं ने किया फाग भजनों पर नृत्य

इस अवसर पर श्री पीताम्बरा आश्रम की साधिकाओं ने कृष्ण-राधा भक्ति श्रृंगार गीतों और भजनों पर मनोहारी नृत्य के माध्यम से प्रभु प्रेम का दिग्दर्शन कराया। इनमें पुष्पा व्यास, नीना गुप्ता, रीना चौबीसा, कुसुमलता जोशी, रंजना शुक्ला, ममता सोनी, चेतना आचार्य, डॉ. मनीषा उपाध्याय, नीना पुरोहित आदि ने भजन गरबा नृत्य किया। भजनानन्दी कलाकार मनोहर एवं अनिल नरहरि भट्ट का बहुमुद्रा ओजस्वी नृत्य जोरदार रहा।

आरंभ में रामद्वारा के संत श्री रामप्रकाश जी रामस्नेही एवं संत श्री उदयराम महाराज का गायत्री मण्डल के पदाधिकारियों ने पुष्पहारों से स्वागत किया एवं शॉल ओढ़ाकर संतों का अभिनन्दन कर आशीर्वाद पाया।


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