देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को स्वदेशी सोच, आर्थिक राष्ट्रवाद और तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ नई दिशा देने के उद्देश्य से राजस्थान विद्यापीठ और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय वेस्ट ज़ोन वाइस चांसलर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन एग्रीकल्चर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित होगा, जिसका विषय “स्वदेशी, आर्थिक देशभक्ति और तकनीकी राष्ट्रवाद के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत” रखा गया है।
कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ 17 मार्च को सुबह 10:30 बजे राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री प्रो. मंजु बागमार, प्रधानमंत्री के वित्तीय सलाहकार प्रो. गौरव वल्लभ, एआईयू महासचिव डॉ. पंकज मित्तल तथा कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। एआईयू के अध्यक्ष और छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे।
सम्मेलन में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार, आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमताओं के विकास तथा राष्ट्र निर्माण में विश्वविद्यालयों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। देशभर से आने वाले अतिथियों का स्वागत राजस्थानी परंपरा और पारंपरिक आतिथ्य के साथ किया जाएगा।
18 मार्च को समापन सत्र में शामिल होंगे विधानसभा अध्यक्ष
एआईयू महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि सम्मेलन का समापन सत्र 18 मार्च को दोपहर 1 बजे आयोजित होगा। इस समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी होंगे। कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अनुल कोठारी और राजेन्द्र सिंह शेखावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में स्थापित एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) देश की प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थाओं में से एक है, जो शिक्षा नीति, शोध, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह संस्था विश्वविद्यालयों और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य भी करती है। वर्तमान में भारत सहित विदेशों के लगभग 1150 विश्वविद्यालय एआईयू से जुड़े हुए हैं।
शताब्दी वर्ष पर विशेष व्याख्यान
एआईयू के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि एआईयू के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसमें गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा भारतीय शिक्षा और राष्ट्र निर्माण विषय पर अपने विचार रखेंगे, जबकि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी स्वदेशी शिक्षा दर्शन पर व्याख्यान देंगे।
150 से अधिक कुलपति लेंगे भाग
आयोजन सचिव प्रो. युवराज सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यापीठ की मेजबानी में पहली बार आयोजित इस सम्मेलन में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों के 150 से अधिक कुलपति ऑफलाइन तथा 160 से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रतिनिधियों का उदयपुर पहुंचना शुरू हो गया है।
उद्योग और विश्वविद्यालयों के बीच संवाद
सम्मेलन के पहले दिन शाम को एडटेक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के बीच एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन शिक्षण और नई तकनीकों के उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद एआईयू सदस्य विश्वविद्यालय अपनी श्रेष्ठ शैक्षणिक और अनुसंधान प्रथाओं का प्रदर्शन करेंगे। दिन का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज के साथ होगा।
आर्थिक देशभक्ति पर विशेष सत्र
सम्मेलन के दूसरे दिन 18 मार्च को “आर्थिक देशभक्ति से आर्थिक स्वदेशीकरण” विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र की अध्यक्षता राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा करेंगी। इसमें कौशल्या द स्किल यूनिवर्सिटी अहमदाबाद के कुलपति प्रो. एस.पी. सिंह, कृष्णा विश्व विद्यापीठ कराड, महाराष्ट्र की कुलपति प्रो. नीलम मिश्रा तथा जीएसएफसी यूनिवर्सिटी वडोदरा के कुलपति प्रो. जी.आर. सिशा अपने विचार साझा करेंगे।
इस सत्र में आर्थिक राष्ट्रवाद, स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने और विश्वविद्यालयों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।