राजस्थान दिवस पर ‘अभिलेखों में मेवाड़’ प्रदर्शनी का शुभारंभ

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Published on : 17 Mar, 26 11:03

 राजस्थान दिवस पर ‘अभिलेखों में मेवाड़’ प्रदर्शनी का शुभारंभ

उदयपुर। राजस्थान दिवस के उपलक्ष में कार्यालय राजस्थान राज्य अभिलेखागार, उदयपुर द्वारा “अभिलेखों में मेवाड़” विषय पर 16 मार्च से 19 मार्च 2026 तक राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के पुस्तकालय में प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है।

प्रदर्शनी का शुभारंभ 16 मार्च 2026 को अपराह्न 3:00 बजे उदयपुर शहर के माननीय विधायक श्री ताराचंद जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध इतिहासकार श्री कृष्ण जुगुनू, प्रसिद्ध आर्किटेक्ट श्री सुनील लढ़ा, साहित्यकार, शोधार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विधायक श्री ताराचंद जैन ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए उदयपुर के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शहर में एक अभिलेख दीर्घा स्थापित करने का सुझाव दिया।

इसके पश्चात “अभिलेखों में मेवाड़” विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें विधायक श्री ताराचंद जैन मुख्य अतिथि, इतिहासकार श्री कृष्ण जुगुनू अध्यक्ष एवं आर्किटेक्ट श्री सुनील लढ़ा विशिष्ट अतिथि रहे।

अपने संबोधन में विधायक श्री जैन ने मेवाड़ के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए कहा कि “इतिहास हमारी संस्कृति की पहचान है। यदि इतिहास सुरक्षित है, तो हमारी संस्कृति भी जीवित रहती है। अभिलेखागार इस धरोहर को संजोने का महत्वपूर्ण माध्यम है।”

इतिहासकार श्री कृष्ण जुगुनू ने कहा कि इतिहास हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे सहेजने से हमारी सभ्यता, साहित्य और संस्कृति की जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने मेवाड़ के इतिहास से जुड़े कई रोचक तथ्य साझा करते हुए बताया कि विश्व में अनुवाद की परंपरा का आरंभ भी मेवाड़ से ही हुआ।

आर्किटेक्ट श्री सुनील लढ़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इतिहास के माध्यम से हमें प्राचीन वैभव, पुरातत्व और शिल्पकला की जानकारी मिलती है। उन्होंने विभाग के उदयपुर कार्यालय को आवंटित भूमि पर भवन का नक्शा नि:शुल्क तैयार करने की घोषणा भी की।

विभाग के सहायक निदेशक श्री बसंत सिंह सोलंकी ने बताया कि प्रदर्शनी में अभिलेखों के माध्यम से मेवाड़ की स्थिति, आय-व्यय, वर्षा का विवरण, ताम्रपत्र, बहियां, मेलों आदि से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं।

संगोष्ठी का संचालन श्री रजत कहानीवाला ने किया। इस अवसर पर श्री कुंदन माली, हेमंत जोशी, सुनील टांक, सरिता जैन, रामदयाल मेहर सहित कार्यालय एवं अकादमी के कर्मचारी तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 


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