नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी स्थित बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में आयोजित ‘राजस्थान उत्सव’ के तीसरे दिन पूरा परिसर राजस्थानी कला, शिल्प और लोक परंपराओं के रंगों से सजा नजर आया। आयोजन स्थल एक जीवंत लोक मेले जैसा माहौल प्रस्तुत कर रहा था, जहां हर ओर राजस्थान की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली।
राजीविका और रूडा द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल्स ने आगंतुकों का विशेष ध्यान खींचा। इन स्टॉल्स पर पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक कलाकृतियां और ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री ने लोगों को खूब आकर्षित किया। इससे न केवल कारीगरों को मंच मिला, बल्कि आगंतुकों को राजस्थान की असली पहचान से भी जुड़ने का अवसर मिला।
दिनभर लोगों ने स्टॉल्स पर खरीदारी का आनंद लिया। पारंपरिक वस्त्र, सजावटी सामान और हस्तनिर्मित उत्पादों की अच्छी मांग रही। बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक उत्सव में पहुंचे, जिससे आयोजन की रौनक और बढ़ गई।
विदेशी आगंतुकों ने भी राजस्थान की कला, शिल्प और परंपराओं की खुलकर सराहना की और स्टॉल्स से पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी की।
शाम के समय आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। खैरथल के पुष्पांजलि ग्रुप की ‘रंगीलो राजस्थान’ प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
‘राजस्थान उत्सव’ के जरिए बीकानेर हाउस एक बार फिर राजधानी में राजस्थान की संस्कृति, कला और परंपरा का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है, जहां हर दिन नए रंग और उत्साह के साथ आयोजन हो रहे हैं।