नई दिल्ली। रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (2026-27) पर संसद में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि रेलवे आम नागरिकों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आम आदमी सुविधा के लिए नॉन एसी डिब्बों की लगातार वृद्धि की जा रही है। साथ ही साधारण डिब्बों की साफ सफाई पर भी अत्यधिक बल दिया जा रहा है, ताकि आम यात्री की यात्रा सुविधाजनक हो सके। श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे आम नागरिकों के लिए किफायती यात्रा को प्राथमिकता देना जारी रखे हुए है। लगभग 70 प्रतिशत कोच जनरल और स्लीपर श्रेणी के हैं, जो अधिकांश यात्रियों के लिए सुलभता सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त जनरल कोच (सामान्य श्रेणी के डिब्बे) शुरू किए गए हैं, जिनमें वर्ष 2024-25 में लगभग 1,250 कोच और 2025-26 में करीब 860 कोच शामिल हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि रेलवे वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 60,000 करोड़ रूपए की यात्री सब्सिडी प्रदान कर रही है, जो प्रति यात्री औसतन लगभग 45 प्रतिशत की छूट के बराबर है। इसके अतिरिक्तए मुंबई जैसे उपनगरीय (सबअर्बन) इलाकों में लगभग 3,000 करोड़ रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
रोजगार के विषय पर श्री वैष्णव ने बताया कि पिछले एक दशक में रेलवे में लगभग 5 लाख नौकरियां प्रदान की गई हैं, जबकि 1.43 लाख भर्तियों की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। उन्होंने एक व्यवस्थित वार्षिक भर्ती कैलेंडर की शुरुआत पर प्रकाश डाला, जो पूर्वानुमान और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। रेलवे की भर्ती परीक्षाएं 15 भाषाओं में और 150 शहरों में आयोजित की जा रही हैं, जिनमें लगभग 3.6 करोड़ उम्मीदवारों की भागीदारी देखी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतों के त्वरित निवारण और परीक्षाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय निगरानी प्रणाली यवार रूमद्ध स्थापित की गई है।
रेलवे में तकनीक, नवाचार और ‘‘मेक इन इंडिया’’ पर अपनी बात रखते हुएए श्री अश्विनी वैष्णव ने परिचालन, रखरखाव, बुनियादी ढांचे और यात्री सेवाओं सहित भारतीय रेलवे के सभी क्षेत्रों में तकनीक और ‘‘मेक इन इंडिया’’ की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 में लॉन्च किए गए रेलवन ऐप ने व्यापक लोकप्रियता हासिल की है, जिसके अब तक 2.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं और इसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 9.5 लाख टिकटों का सफल ट्रांजैक्शन हो रहा है। यह ऐप आरक्षित और अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन पूछताछ, पीएनआर स्थिति और शिकायत निवारण जैसी कई यात्री सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है।
स्टेशनों का कायाकल्प और क्षमता में वृद्धि के बारे में श्री वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे ने वैश्विक स्तर पर स्टेशन पुनर्विकास के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक शुरू किया है, जिसके तहत लगभग 1,300 स्टेशनों को कवर किया जा रहा है। इनमें से लगभग 180 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका हैए जबकि करीब 500 स्टेशन पूर्ण होने के उन्नत चरण में हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक प्रथाओं के विपरीत, जहाँ पुनर्निर्माण के दौरान स्टेशनों को अक्सर बंद कर दिया जाता है, वहीं भारतीय रेलवे निरंतर ट्रेन संचालन को बनाए रखते हुए पुनर्विकास कार्य कर रही है। इससे सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ यात्रियों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखा जा रहा है।
राजस्थान में देशनोक स्टेशन सहित 85 स्टेशनों का लगभग 4535 करोड़ रूपये की लागत के साथ अमृत स्टेशन योजना के अन्तर्गत पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमे से 8 स्टेशनों फतेहपुर शेखावाटी, देशनोक, बूंदी, माण्डलगढ़, गोगामेड़ी, राजगढ़, गोविंदगढ़ एवं मण्डावर महुआ रोड का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 22 मई 2025 को देशनोक से किया गया है। शेष स्टेशनों का कार्य लक्ष्यानुसार पूरा किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, 48 अधिक मांग वाले शहरों में क्षमता विस्तार के कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें अतिरिक्त प्लेटफार्मों, स्टेबलिंग लाइनों, पिट लाइनों और कोचिंग टर्मिनलों का निर्माण शामिल है। ये कार्य आने वाले वर्षों में परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे। इसमें राजस्थान के जयपुर और जोधपुर स्टेशनों को सम्मलित किया गया है।
इन कार्यों से प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक व पर्यटक केंद्रों के लिए रेल कनेक्टिविटी को मजबूत होगी तथा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजन होंगे एवं व्यापारिक व सामाजिक सम्बन्ध प्रगाढ़ होगे।