उदयपुर। 60 बसंत वरिष्ठ नागरिक परिषद, उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय जवाई बांध एवं लेपर्ड सेंचुरी भ्रमण यात्रा उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुई। इस यात्रा में वरिष्ठजनों ने आध्यात्मिक दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवों के रोमांचक अनुभव का भरपूर आनंद लिया।
यात्रा की शुरुआत हिरण मगरी से हुई, जहां से सदस्यों ने भक्ति और आध्यात्म के साथ अपने सफर की शुरुआत की। पहले दिन बामनवाड़जी तीर्थ में दर्शन कर आत्मिक शांति प्राप्त की गई, इसके बाद शंकेश्वर धाम, पोसालिया और सुमेरपुर स्थित महावीर अभिनव धाम के दर्शन किए गए, जहां की कलात्मक गैलरी ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
यात्रा का मुख्य आकर्षण जवाई बांध की खूबसूरत वादियाँ रहीं। प्राकृतिक परिवेश के बीच जब सदस्यों ने Leopard को उसके प्राकृतिक आवास में विचरण करते देखा, तो हर चेहरा रोमांच से खिल उठा। इस अद्भुत दृश्य ने सभी के मन पर गहरी छाप छोड़ी।
दूसरे दिन फालना के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए गए, जिसकी भव्यता ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यात्रा के दौरान शिवगंज और फालना के बाजारों की रौनक तथा हटूंडी राता महावीर जी की शांत शाम ने इस सफर को और यादगार बना दिया। वापसी में जवाई और रणकपुर बांध की प्राकृतिक सुंदरता का भी सभी ने आनंद लिया।
यात्रा के दौरान चाय-नाश्ते और सामूहिक सहभोज के बीच वरिष्ठ नागरिकों ने अंताक्षरी, भजन, गीतों और चुटकुलों के जरिए पुरानी यादें ताजा कीं और आपसी स्नेह को मजबूत किया।
परिषद के पदाधिकारी कृष्णकांत शर्मा और अध्यक्ष महेंद्र कुमार मेहता ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य वरिष्ठजनों के जीवन में नई ऊर्जा भरना और उन्हें प्रकृति व आध्यात्म से जोड़ना था। सभी सदस्यों ने इस सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे “यादों की अनमोल पूंजी” बताया।