नई दिल्ली। भारत के रेल नेटवर्क की रीढ़ माने जाने वाले लोको पायलट, गार्ड और फायरमैन को ‘‘किलोमीटर भत्ता’’ और ‘‘किलोमीटर के बदले भत्ते’’ (एएलके) की संशोधित दरों के तहत मिलेगा बढ़ा हुआ लाभ।
भारतीय रेलवे ने 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ते में 50 प्रतिशत की वृद्धि होने के बाद, पूरे भारतीय रेलवे सिस्टम में सभी रनिंग स्टाफ के लिए ‘‘किलोमीटर भत्ता’’ और ‘‘किलोमीटर के बदले भत्ते’’ की दरों में व्यापक संशोधन किया है।
इन बढ़ी हुई दरों से हजारों समर्पित लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, फायरमैन, गार्ड और अन्य रनिंग स्टाफ लाभान्वित होंगे, जो चैबीसों घंटे भारत के विशाल रेल नेटवर्क के पहियों को गतिशील रखते हैं।
संशोधित संरचना के तहत, लोको रनिंग स्टाफ को प्रति 100 किमी किलोमीटर भत्ता और प्रति 160 किमी एएलके के अनुसार प्राप्त होगा। लोको पायलटः (मेल) 606 और 969, लोको पायलट (पैसेंजर)/सीनियर मोटरमैनः 600 और 960, लोको पायलट (गुड्स)ः 594 और 951, लोको पायलट (शंटिंग) ग्रेड-प्रथमः 461 और 737, लोको पायलट (शंटिंग) ग्रेड-द्धितीयः 447 और 715, सीनियर एफएम-1 सीनियर सहायक लोको पायलटः 447 (शंटिंग के लिए 287) और 715, एफएम-1 सहायक लोको पायलटः 430 (शंटिंग के लिए 277) और 688, सीनियर सेकंड फायरमैनः 430 (शंटिंग के लिए 277) और 688, तथा सेकंड फायरमैनः 362 (शंटिंग के लिए 216) और 579 भत्ता मिलेगा।
इसी प्रकार ट्रैफिक रनिंग स्टाफ के लिए संशोधित दरों तहत मेल/एक्सप्रेस गार्डः 549 और 878, सीनियर पैसेंजर गार्ड 543 और 869, सीनियर गुड्स गार्ड 543 और 869, गुड्स गार्डः 537 और 859, सीनियर असिस्टेंट गार्ड/सीनियर ब्रेकमैनः 320 और 512 तथा असिस्टेंट गार्ड/ब्रेकमैनः 305 और 488
(नोटः गार्ड के पद को अब ‘‘ट्रेन मैनेजर’’ के रूप में पुनः नामित किया गया है)
ये संशोधित दरें रेलवे सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2016 के तहत लागू हैं। किलोमीटर भत्ता और ए.एल.के. की स्वीकार्यता की अन्य सभी शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी। यह संशोधन वर्तमान महंगाई भत्ते के स्तर के अनुरूप बेहतर मुआवजा सुनिश्चित करेगा। यह रनिंग स्टाफ के कल्याण और वित्तीय बेहतरी के प्रति भारतीय रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।