बांसवाड़ा | धार्मिक आध्यात्मिक क्षेत्रों और सनातन परम्पराओं के संरक्षण-संवर्धन के साथ ही इन विषयों से संबंधित व्यापक लोक जागरण एवं संस्कार संवहन के लिए गायत्री मण्डल द्वारा योजनाबद्ध प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए मण्डल द्वारा संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम को बहुआयामी चेतना केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह निर्णय रविवार को श्री पीताम्बरा आश्रम में मण्डल अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई गायत्री मण्डल की आम सभा में किया गया। इसमें अब तक की गतिविधियों की समीक्षा कर समस्त कार्यों का अनुमोदन करने के साथ ही भावी योजनाओं व प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया।
सहभागिता विस्तार पर जोर
मण्डल के मुख्य संरक्षक, पूर्व आयुक्त दिलीप गुप्ता ने अब तक जुड़े सभी सदस्यों एवं सहयोगियों की भूमिका की सराहना करते हुए सभी वर्गों के सनातनधर्मियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में बहुआयामी प्रयासों पर जोर दिया।
गायत्री मण्डल के सचिव विनोद शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोहर जी. जोशी, उपाध्यक्ष अनिमेष पुरोहित, कोषाध्यक्ष अनन्त जोशी एवं सह सचिव सुभाष भट्ट आदि ने संस्था की उपलब्धियों, वित्तीय स्थिति, भावी योजनाओं आदि पर विस्तार से जानकारी दी।
आमसभा में पूर्व अध्यक्ष विद्यासागर शुक्ल, रामशंकर जोशी, चन्द्रेश व्यास, मनोहर एच.जोशी, चन्द्रेश व्यास, द्रोमिल त्रिवेदी, कमल भट्ट, चन्द्रशेखर जोशी, किशोर पाठक, अनिल पण्ड्या, सुरेश पण्ड्या आदि सदस्यों ने महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए।
उल्लेखनीय सेवाओं पर अभिनन्दन
मण्डल की विभिन्न गतिविधियों में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए वित्तीय सलाहकार सीए अंजनी त्रिवेदी एवं कोषाध्यक्ष अनन्त जोशी का उपरणा एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनन्दन किया गया।
आम सभा में बताया गया कि संस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में दूरदर्शी एवं ठोस कार्य निरन्तर जारी हैं और इसके अन्तर्गत इस वर्ष 50 आजीवन सदस्यों का लक्ष्य रखा गया है। आगामी एक अप्रेल से वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक सदस्यता एवं नवीनीकरण अभियान आरंभ होगा।
व्यापक गतिविधियों का सूत्रपात
आम सभा में निर्णय किया गया कि मण्डल की गतिविधियों को और अधिक विस्तार देते हुए अब सनातन धर्म एवं परम्पराओं से संबंधित लोक जागरणपरक अधिकाधिक गतिविधियों को हाथ में लिया जाएगा और इसके लिए सभी समानधर्मा संस्थाओं, संगठनों एवं समूहों की सक्रिय भागीदारी प्राप्त की जाएगी।
वर्ष भर शताधिक आयोजन
आम सभा में किए गए निर्णयों के अनुसार गायत्री मण्डल के संस्थापक ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल सहित संत-महात्माओं, विभिन्न विषयों के विद्वानों की जयन्ती एवं पुण्य तिथि पर अतिथि विद्वानों एवं विशेषज्ञों की वार्ताओं, स्मृति व्याख्यानमालाओं एवं संगोष्ठियों, परिचर्चाओं आदि का आयोजन, विभूतियों का सम्मान-अभिनन्दन, पं. महादेव शुक्ल स्मृति ग्रंथ प्रकाशन, गोरजी परम्परा के पुनर्जीवन के लिए विभिन्न समाजों के गोरजियों की गोरजी परिषद् का गठन करने आदि शताधिक कार्य मुख्य हैं।
व्रत-तिथि निर्णय पर संवाद
इसी प्रकार विभिन्न तिथि, व्रत, पर्व आदि पर शास्त्रसम्मत निर्णय के लिए ज्योतिषियों और पंचांग निर्माताओं की संगोष्ठी, ऑनलाईन परिचर्चा आदि के माध्यम से सर्वसम्मत निर्णय करने, नई पीढ़ी को ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूजा-पाठ एवं अनुष्ठानों आदि में बेरोजगार युवाओं की समुचित भागीदारी सुनिश्चित करने, महिला मण्डल व प्राच्यविद्या शोध संस्थान के पुनर्गठन का निर्णय किया गया।
उप समितियों का गठन होगा
बैठक में मण्डल एवं आश्रम की गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न उप समितियों एवं आयोजन समितियों के गठन, ज्योतिष, कर्मकाण्ड, पुरातन विद्याओं पर शिविरों के आयोजन, आश्रम की गतिविधियों को संस्था केन्द्रित स्वरूप देने, पीताम्बरा परिषद एवं श्रीविद्या साधना परिषद भंग करने, नवीन प्रकल्पों का सूत्रपात करने के निर्णय भी हुए।
दुर्लभ ग्रंथों से समृद्ध संदर्भ ग्रंथालय संचालन
आश्रम परिसर में स्थापित महर्षि पं. पन्नालाल जोशी प्राच्यविद्या संदर्भ ग्रंथालय के विधिवत संचालन की रूपरेखा पर चर्चा के दौरान् बताया गया कि शीघ्र ही इसका शुभारंभ किया जाएगा ताकि सनातन वैदिक व पौराणिक ज्ञान, परम्पराओं एवं प्राच्यविद्याओं से संबंधित साहित्य का जिज्ञासु जन उपयोग कर सकें।
द्वितीय चरण का कार्य शीघ्र शुरू होगा
बैठक में निर्णय किया गया कि आश्रम के विस्तार के लिए शीघ्र ही द्वितीय चरण का निर्माण एवं विकास कार्य आरंभ होगा। ग्रीष्मावकाश में ज्योतिष, पौरोहित्य एवं कर्मकाण्ड तथा साधना प्रशिक्षण शिविर पर विचार किया गया। वर्ष 2026-27 में विभिन्न उत्सव, पर्व, त्योहार, नैमित्तिक अनुष्ठानों, प्राच्यविद्याओं से सम्बद्ध शिविरों, कार्यशालाओं, व्याख्यानों आदि आयोजनों की वार्षिक योजना व रूपरेखा निर्माण किया गया।