गीतांजली हृदय रोग विभाग में हाइब्रिड तकनीक से.....

( 1446 बार पढ़ी गयी)
Published on : 23 Mar, 26 13:03

73 वर्षीय मरीज के दिल की महाधमनी की जटिल सर्जरी सफल

गीतांजली हृदय रोग विभाग में हाइब्रिड तकनीक से.....

उदयपुर। शहर के गीतांजली अस्पताल में चिकित्सकों ने 73 वर्षीय गंभीर मरीज की मुख्य महाधमनी (एओर्टा) की जटिल सर्जरी को आधुनिक हाइब्रिड तकनीक से सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मरीज को पहले चित्तौड़गढ़ में दिखाया गया था, जहां स्थिति गंभीर बताते हुए बड़े सेंटर में इलाज की सलाह दी गई थी।

अस्पताल में जांच के दौरान सी.टी. एंजियोग्राफी में सामने आया कि दिल से निकलने वाली मुख्य धमनी करीब 10 सेंटीमीटर तक क्षतिग्रस्त थी। इसी हिस्से से मस्तिष्क और दोनों हाथों को रक्त पहुंचाने वाली तीन महत्वपूर्ण धमनियां भी जुड़ी हुई थीं, जिससे पारंपरिक सर्जरी का जोखिम बहुत अधिक आंका गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ टीम ने दो चरणों में ऑपरेशन की योजना बनाई। पहले चरण में तीनों प्रमुख धमनियों को कृत्रिम ग्राफ्ट के माध्यम से नई जगह पर जोड़कर रक्त प्रवाह सुचारू किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में पैर की नस के जरिए स्टेंट ग्राफ्ट डालकर फटी हुई महाधमनी के बलास्ट को भीतर से पूरी तरह सील कर दिया गया।

चिकित्सकों के अनुसार इस उन्नत हाइब्रिड तकनीक से मरीज को बड़ा ऑपरेशन करने से बचाया गया और जोखिम भी काफी हद तक कम किया गया।

गीतांजली के विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार की जटिल सर्जरी राजस्थान में बहुत कम होती है और यह राज्य में इस तरह का संभवतया पहला सफल मामला माना जा रहा है। मरीज की स्थिति अब स्थिर है और रिकवरी संतोषजनक बताई जा रही है।
डॉ. संजय गांधी (हेड, CTVS), डॉ. रमेश पटेल (हेड कोडियोलोजिस्ट), डॉ. ब्रिजेश सोनी (न्यूरोइमेजिंग एंड इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजिस्ट) एवं के साथ विशाल टीम में डॉ. शोभीत माथुर, डॉ. सुनील सागर, (कार्डिक सर्जन),  डॉ. दिलीप जैन, डॉ. रोहिन के. सैनी, डॉ. गौरव कुमार मित्तल (कार्डियोलोजिस्ट), डॉ. अंकुर गाँधी, डॉ. कल्पेश मिस्त्री, डॉ. सुमित तवरी, डॉ. अर्चना देवतारा (निश्चेतना विशेषज्ञ), डॉ. तान्या दीक्षित (न्यूरोइमेजिंग एंड इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजी विशेषज्ञ) ने रोगी का सफल उपचार किया।

हृदय (कार्डियोलॉजी/कार्डियक केयर) के लिए गीतांजली अस्पताल में त्वरित एवं उन्नत उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां 24x7 कैथ लैब (एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी), कार्डियक सर्जरी (बायपास, वाल्व रिप्लेसमेंट), इकोकार्डियोग्राफी, TMT एवं होल्टर मॉनिटरिंग जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। हार्ट अटैक के मरीजों को गोल्डन आवर में उपचार प्रदान करने हेतु सुदृढ़ इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम स्थापित है। इसके साथ ही कार्डियक ICU (CCU), वेंटिलेटर सपोर्ट, पेसमेकर एवं ICD इम्प्लांट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट, कार्डियक सर्जन एवं प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की टीम 24 घंटे सेवाएं प्रदान करती है। साथ ही, कार्डियक रिहैबिलिटेशन, डाइट काउंसलिंग एवं लाइफस्टाइल मैनेजमेंट की सुविधाएं मरीजों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, यहां 24 घंटे स्ट्रोक मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी, एन्यूरिज्म कॉइलिंग एवं ब्लीडर एम्बोलाइजेशन जैसी अत्याधुनिक न्यूरो-इंटरवेंशनल सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक और रक्तस्राव के गंभीर मरीजों को त्वरित एवं प्रभावी उपचार मिल रहा है।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.