पारस हेल्थ उदयपुर ने 2 सालों में 1,600 से ज्यादा रोबोटिक घुटने की सर्जरी करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

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Published on : 23 Mar, 26 15:03

‘UDAI’ पहल जॉइंट रिप्लेसमेंट में रोबोटिक-असिस्टेड टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग और सर्जिकल सटीकता और परिणामों को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका पर ज़ोर देती है।

पारस हेल्थ उदयपुर ने 2 सालों में 1,600 से ज्यादा रोबोटिक घुटने की सर्जरी करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

उदयपुर: पारस हेल्थ उदयपुर ने अपने रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण कार्यक्रम के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘UDAI’ नामक एक विशेष पहल का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, दीप्ति किरण माहेश्वरी (विधायक, राजसमंद) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस पहल के माध्यम से जोड़ों के प्रत्यारोपण में रोबोटिक-सहायता प्राप्त तकनीक के बढ़ते उपयोग तथा सर्जरी की सटीकता और मरीजों के बेहतर परिणामों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। पिछले दो सालों में हॉस्पिटल में 1600 रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। यह सफलता आर्थोपेडिक देखभाल में टेक्नोलॉजी असिस्टेड प्रक्रियाओं को दर्शाती है। इसके अलावा अस्पताल ने 13000 ज्वाइंट रिप्लेसमेंट पिछले 12 साल में किए हैं। यह आंकड़ा गंभीर जोड़ों से संबंधित बीमारियों को संभालने में हॉस्पिटल के अनुभव को दर्शाता है। 
पारस हेल्थ उदयपुर के रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन और सीनियर ऑर्थोपेडिक डॉक्टर आशीष सिंघल ने कहा, “रोबोट की मदद से होने वाली घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी ने जोड़ों की रिप्लेसमेंट सर्जरी के हमारे नज़रिए को पूरी तरह से बदल दिया है। इसकी मदद से सर्जरी की योजना बनाने और उसे करने में ज़्यादा सटीकता आती है। यह तकनीक इम्प्लांट को सही जगह पर लगाने और बेहतर अलाइनमेंट पाने में मदद करती है। ये दोनों चीजें लंबे समय तक अच्छे इलाज़ के परिणामों के लिए बहुत ज़रूरी होती हैं। पिछले दो सालों में हमने देखा है कि ज़्यादा से ज़्यादा मरीज़ इस तरीके को चुन रहे हैं, क्योंकि इससे मरीज़ों को ठीक होने में ज़्यादा मदद मिलती है और सर्जरी के परिणाम भी एक जैसे और भरोसेमंद होते हैं।”
पारस हेल्थ उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ प्रसून कुमार ने कहा, “रोबोट-असिस्टेड सर्जरी को जिस तेज़ी से अपनाया जा रहा है, वह टेक्नोलॉजी-आधारित हेल्थकेयर डिलीवरी (स्वास्थ्य सेवा वितरण) की ओर हो रहे एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। ऑर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में इस तरह की प्रगति सर्जरी की सटीकता और स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने में मदद कर रही है। इसका सीधा फ़ायदा मरीज़ों को बेहतर रिकवरी के रूप में मिलता है। पारस हेल्थ उदयपुर का अनुभव यह दिखाता है कि कैसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को रोज़मर्रा के इलाज़ में शामिल करके मरीज़ों की संपूर्ण देखभाल को और भी मज़बूत बनाया जा सकता है।” ऑर्थोपेडिक देखभाल में रोबोटिक-असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट को तेज़ी से अपनाया जा रहा है क्योंकि इससे सर्जन ज़्यादा सटीकता से प्रक्रिया की योजना बना सकते हैं और उन्हें बेहतर नियंत्रण के साथ कर सकते हैं। स्पेशलिस्ट का कहना है कि ऐसी टेक्नोलॉजी इम्प्लांट की पोज़िशनिंग को बेहतर बनाने और घुटने के जोड़ों की गंभीर समस्याओं वाले मरीज़ों में बेहतर फंक्शनल रिकवरी में मदद कर सकती हैं। पारस हेल्थ उदयपुर में विशेषज्ञ जॉइंट रिप्लेसमेंट इलाज़ को और मज़बूत बनाने के लिए आधुनिक सर्जिकल तकनीकों को अपनी क्लिनिकल एक्सपर्टीज के साथ लगातार जोड़ रहे हैं। ये तरीके घुटने के जोड़ों की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीज़ों में ज़्यादा एक जैसे सर्जिकल नतीजे देने में मददगार साबित हो रहे हैं।


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