"पेरेंटिंग एवं जेंडर समाजीकरण" पर परस्पर संवादात्मक सत्र का आयोजन

( 575 बार पढ़ी गयी)
Published on : 24 Mar, 26 14:03

"पेरेंटिंग एवं जेंडर समाजीकरण" पर परस्पर संवादात्मक सत्र का आयोजन

उदयपुर I  महाराणा प्रताप कृषि एवम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के संघटक सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय के मानव विकास एवं पारिवारिक अध्ययन विभाग में "पेरेंटिंग तथा जेंडर समाजीकरण" विषय पर नर्सरी स्कूल के माता-पिता के लिए एक परस्पर संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष डॉ धृति सोलकी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि लिंग आधारित समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति समाज में अपने निर्धारित लिंग से जुड़े व्यवहार, अपेक्षाओं और भूमिकाओं को सीखते हैं। परिवार के सभी सदस्यों का यह उत्तरदायित्व है कि बालको को अपनी भूमिकाओं को आत्मसात करने में उचित मार्गदर्शन प्रदान करे I सत्र की मुख्या वक्ता डॉ. गायत्री तिवारी , रिटायर्ड प्रोफेसर और साइंटिस्ट  मानव विकास एवं पारिवारिक अध्ययन विभाग ने सभी अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों के लैंगिक समाजीकरण (जेंडर सोशलिज़शन) के प्राथमिक स्रोत हैं, वे अनजाने में भी बच्चों में लिंग-विशिष्ट व्यवहार विकसित करते हैं। वे खिलौनों, कपड़ों, गतिविधियों और घरेलू कामों के माध्यम से अनजाने में भी बच्चो के व्यवहार में पारंपरिक लैंगिक रूढ़ियों को बढ़ावा देते हैं, जो आजीवन बच्चों के व्यक्तित्व को प्रभावित करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के बदलते परिवेश में यह आवश्यक है कि माता पिता अपने जेंडर समाजीकरण के तरीको को बदल कर अपने बालको को जेंडर समानता के लिए तैयार करें I मुख्या वक्ता ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से इस विषय को आनंदायी तरीके से अभिभावकों के साथ साझा किया I सत्र में कुल 25 अभिभावकों ने भाग लिया । कार्यक्रम के अंत में मानव विकास एवं पारिवारिक अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका राय ने धन्यवाद ज्ञापित किया I 


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.