मुंबई - राजीव लोचन स्पिरिचुअल मिशन फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत, चिरंजीवी भट्ट और मानसी भट्ट द्वारा निर्मित, और अंजू भट्ट द्वारा लिखित, संगीतबद्ध और निर्देशित "योगाष्टकम" का ऑडियो आज रिलीज़ हो गया है। इस भक्ति गीत को प्रसिद्ध गायिका मधुश्री भट्टाचार्य ने अपनी आवाज़ दी है।
"योगाष्टकम" भगवान श्रीकृष्ण, योगिराज योगेश्वर के चरणों में अर्पित एक काव्यात्मक भक्ति प्रस्तुति है, जो योग, ज्ञान और भक्ति की गहन परंपरा को आधुनिक श्रोताओं तक पहुँचाने का प्रयास करती है। इसकी भावपूर्ण रचना और आध्यात्मिक गहराई इसे विशेष बनाती है।
आनंदप्रज्ञा (अंजू भट्ट) एक प्रतिष्ठित विद्वत परंपरा से संबंध रखती हैं। उनका वृहद कुटुंब तैलंग वेलनाडु ब्राह्मणों की कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा से जुड़ा है। इस परंपरा में परम पंडित शिवानंद भट्ट जैसे महान विद्वान हुए, जिनके पितामह परम प्रकांड पं. श्रीनिवास भट्ट को सर्वप्रथम “गोस्वामी” की उपाधि प्रदान की गई।
इस गौरवशाली वंश परंपरा में राजकवि श्रीकृष्ण भट्ट, मृदंगाचार्य पंडित श्रीनाथ भट्ट और ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीगोकुलनाथ भट्ट ‘दीक्षित’ जैसे अनेक विद्वान और कालजयी रचनाकार शामिल रहे हैं। इसी परंपरा का संबंध १५वीं शताब्दी के महान वैष्णव आचार्य वल्लभाचार्य से भी जुड़ता है, जिन्होंने शुद्धाद्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया और ‘मधुराष्टकम’ जैसी अमर रचना दी।
‘योगाष्टकम’ न केवल भक्ति संगीत प्रेमियों बल्कि वैश्विक श्रोताओं के बीच भी गहरी छाप छोड़ने की क्षमता रखता है। डा.अंजू भट्ट "आनंदप्रज्ञा " विगत कई दशकों से आध्यात्मिक, सांस्कृतिक सामाजिक तथा साहित्यिक विषयों पर रचनाएँ लिखती आ रहीं हैं।
उनकी भक्तिपूर्ण रचनाओं का आनंद उनकी “आनंदप्रज्ञा” ऐप के माध्यम से लिया जा सकता है। अभी यह पूरी तरह फ़्री है इसमें मंत्र स्तोत्र भजन उद्बोधन आदि संयोजित है भविष्य में कई नयी आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ विशिष्ट मंदिर दर्शन एवं तीर्थ यात्राओं एवं धार्मिक आयोजनों को स्ट्रीम करने का निर्णय लिया गया है ।
धार्मिक क्रियाकलापों और विभिन्न पूजा यज्ञ हवनादि को भी संयोजित करने का विचार भी है।