उदयपुर:मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित काउंसिल ऑफ डीन्स (सीओडी) की बैठक में कुलपति प्रोफेसर बी.पी. सारस्वत के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में प्रशासनिक, शैक्षणिक, वित्तीय और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श कर अधिकांश प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
कुलपति प्रो. सारस्वत ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने, समय पर परीक्षाएं कराने और परिणाम घोषित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। हाल ही में प्रश्न पत्रों में सामने आई गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई का निर्णय भी लिया गया।
विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य के अनुसार, परीक्षा गोपनीय कार्यों को बेहतर बनाने के लिए दो बोलरो वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। साथ ही एस्टेट कार्यालय को अधिक सक्षम बनाने के लिए सिविल व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता को भी स्वीकृति मिली।
सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय के सीसीटीवी कैमरों को राजस्थान पुलिस के अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ने का निर्णय लिया गया। यह पहल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी।
बैठक में आईआईएम उदयपुर द्वारा छोड़ी गई इन्वेंटरी के एवज में 21.93 लाख रुपये की बकाया राशि के भुगतान पर भी सहमति बनी। इसके अलावा गोल्डन जुबली गेस्ट हाउस की नई दरों को मंजूरी दी गई, जिससे विश्वविद्यालय की आय में वृद्धि होने की संभावना है।
कुलपति के मार्गदर्शन में गेस्ट हाउस सुविधाओं को सरकारी दरों पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के एसयूएमएस डेटा की समीक्षा, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी में सामान्य फीस सीटें शुरू करने, तथा विभिन्न प्रशासनिक व शैक्षणिक प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में जेआरएफ/नेट शोधार्थियों से जुड़े मुद्दों, आईटीईपी संस्थानों को एनओसी जारी करने के नियमों, कोडेस्ट/फ्रेशर्स पार्टी आयोजन और एसएफएबी कंसल्टेंट द्वारा ली गई कक्षाओं पर भी आवश्यक निर्णय लिए गए।
कुलपति प्रो. सारस्वत के नेतृत्व में लिए गए इन फैसलों से विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, सुरक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।