उदयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने मंगलवार को उदयपुर प्रवास के दौरान पंचायती राज विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में विभाग की प्रमुख योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन करते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री श्री दिलावर ने स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण), अन्नपूर्णा रसोई (ग्रामीण), अटल ज्ञान केंद्र, प्रधानमंत्री आवास, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जन स्वावलंबन अभियान सहित अन्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में विधायक ताराचंद जैन, फूलसिंह मीणा, पूर्व उप जिला प्रमुख पुष्कर तेली सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संभाग के सभी जिलों के जिला परिषद सीईओ, एसीईओ, बीडीओ और सहायक अभियंता भी बैठक में उपस्थित रहे।प्रारंभ में जिला परिषद सीईओ रिया डाबी ने पंचायतीराज मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया।
रात्रि विश्राम को लेकर सख्त निर्देश
मंत्री श्री दिलावर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि गांवों की वास्तविक स्थिति समझने के लिए फील्ड में समय देना जरूरी है। उन्होंने प्रतिमाह कम से कम चार रात्रि विश्राम गांवों में अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि अधिकारी सायंकाल 6 बजे से प्रातः काल 6 बजे तक गांव में ही रुकें, तभी ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।उन्होंने कहा कि अधिकारियों का जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना ही योजनाओं की सफलता की कुंजी है। रात्रि विश्राम के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।उन्होंने ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर होने वाली जनसुनवाई में अधिकारियें को अनिवार्यतः उपस्थित रहते हुए आमजन को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही तय बैठकों का नियमित आयोजन कर उसमें स्वीकृतियों के प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।
अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश
मंत्री श्री दिलावर ने स्पष्ट कहा कि गांवों में श्मशान, खेल मैदान, तालाब और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना किसी दबाव में आए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि सार्वजनिक संसाधनों का संरक्षण हो सके।
सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर जोर
उन्होंने गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुव्यवस्थित होनी चाहिए। कचरे की छंटनी (सेग्रिगेशन) पर विशेष ध्यान दिया जाए और सफाई कार्य में लगे कार्मिकों को न्यूनतम मजदूरी से अधिक पारिश्रमिक सुनिश्चित किया जाए।
भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता
मंत्री ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता से पट्टा अथवा भू-आवंटन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
जवाबदेही और परिणाम पर जोर
बैठक में मंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग करें और तय समयसीमा में लक्ष्य प्राप्त करें। इस दौरान विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण विकास को गति देने में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने सभी कार्यालयों को पॉलीथिन मुक्त बनाने पर भी जोर दिया।
प्रवेश उत्सव पोस्टर का विमोचन
इससे पूर्व मंत्री श्री मदन दिलावर ने संस्कृत शिक्षा विभाग के नवीन प्रवेश उत्सव अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर उदयपुर देहात विधायक फूल चंद मीणा, समाजसेवी पुष्कर तेली, संस्कृत शिक्षा विभाग से मंत्री के विशेषधिकारी अभय सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। पोस्टर में विद्यालयों में प्रवेश लेने के उपरांत विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गईहै।