मावली क्षेत्र के लिए संजीवनी बनेगा बागोलिया फीडर

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Published on : 03 Apr, 26 15:04

मावली क्षेत्र के लिए संजीवनी बनेगा बागोलिया फीडर

उदयपुर। राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने और जल संसाधनों के सुदृढ़ीकरण के संकल्प के साथ, जल संसाधन विभाग की ओर से 10 दिन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत मुख्य अभियंता-अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी विभिन्न कार्यों का सघन निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्य अभियंता (बांसवाड़ा संभाग) देवी सिंह बेनीवाल ने शुक्रवार को उदयपुर जिले के महत्वपूर्ण बागोलिया फीडर निर्माण कार्य का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उदयसागर के अधिशेष जल से सरसब्ज होगी मावली की धरा
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता श्री बेनीवाल ने बताया कि मावली क्षेत्र लंबे समय से वर्षा और पेयजल की दृष्टि से डार्कजोन में बना हुआ है। क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए, मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2024-25 के तहत उदयसागर बांध के वर्षा ऋतु के अधिशेष जल को बागोलिया फीडर के माध्यम से डाइवर्ट करने का कार्य किया जा रहा है।

बागोलिया फीडर की फैक्ट फाइल
परियोजना की लंबाई - उदयसागर बांध की बायीं मुख्य नहर की चेन संख्या 480 से लगभग 30 किमी लंबा फीडर
क्षमता - फीडर की कुल क्षमता 138 क्यूसेक निर्धारित
जल उपलब्धता- वर्षा ऋतु के दौरान लगभग 180 एमसीएफटी अधिशेष जल को बागोलिया बांध तक पहुँचाया जाएगा।
लाभार्थी - मावली क्षेत्र के 17 गांवों की 3676 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।

गुणवत्ता से समझौता नहीं, अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्य अभियंता ने निर्माण स्थल पर कार्य की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निर्माण सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और पूरा कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप ही हो। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा और उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रगति रिपोर्ट को नियमित रूप से प्रस्तुत करने को भी कहा गया है ताकि कार्य की सतत निगरानी हो सके। समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य अभियंता (जल संसाधन खंड, उदयपुर) ने भी निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता धीरेंद्र सिंह सागर, अधीक्षण अभियंता मनोज जैन, अधिशाषी अभियंता मोहित पाटीदार, सहायक अभियंता राजेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता अजय सिंह गुर्जर तथा कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 


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