मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए शुरू होगा आपणों खेत-आपणी खाद अभियान

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Published on : 05 Apr, 26 17:04

6 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रदेश भर में चलेगी विशेष मुहिम

उदयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश में मिट्टी की उर्वरक शक्ति को पुनर्जीवित करने और रासायनिक खादों पर किसानों की निर्भरता कम करने के उद्देश्य से एक विशेष राज्यव्यापी अभियान आपणों खेत-आपणी खाद प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 6 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इस संबंध में कृषि आयुक्तालय, जयपुर द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी जिलों के अधिकारियों को अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उदयपुर जिले में जिला प्रशासन के निर्देशन में कृषि विभाग ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

यह है अभियान का मुख्य उद्देश्य
जलवायु परिवर्तन के इस दौर में मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। इस अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि किसान रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में देशी खाद (कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट) और जैव उर्वरकों का उपयोग बढ़ाएं। मिट्टी के गुणों में सुधार के लिए ढँचा, ग्वार और चंवला जैसी हरी खाद के प्रयोग को प्रोत्साहन मिले। इसके अलावा खेतों में फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनके उचित प्रबंधन के लिए जागरूक करना, प्राकृतिक खेती की विधियों जैसे बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत और पंचगव्य को बढ़ावा देना भी प्रमुख उद्देश्य है।

गाँवों में जगेगी अलखः चौपाल और प्रभात फेरियों का होगा आयोजन
अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कृषक गोष्ठियां, रात्रि चौपाल और प्रभात फेरियां आयोजित की जाएंगी। इसमें स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थियों और संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों के साथ-साथ नमो ड्रोन दीदी, कृषि सखियां और सफल प्रगतिशील किसान भी अपने अनुभव साझा करेंगे। कृषि विभाग ने किसानों को डीएपी और यूरिया के संतुलित विकल्प के रूप में एसएसपी और एनपीके उर्वरकों के उपयोग की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल मुख्य पोषक तत्व बल्कि सल्फर और कैल्शियम जैसे द्वितीयक तत्व भी मिट्टी को मिलते हैं।

किसानों को मिलेंगे 1 लाख बीज किट
सरकार ने हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस योजना तैयार की है। इसके तहत लघु और सीमांत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों को 0.2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए करीब 1 लाख ढँचा और ग्वार के बीज किट वितरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सक्षम किसानों को अपने स्तर पर हरी खाद उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उनके सफल प्रयासों को सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।

मई में प्रस्तावित “ग्राम” आयोजन से जुड़ाव
इस अभियान के दौरान जिन प्रगतिशील किसानों ने बेहतर कार्य किया होगा, उनकी भागीदारी मई में प्रस्तावित “ग्राम” आयोजन में सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए अभी से किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है।


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