चंडीगढ़/उदयपुर | उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की शासकीय मंडल की बैठक आज उदयपुर में पंजाब के माननीय राज्यपाल एवं केंद्र के अध्यक्ष श्री गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के प्रतिनिधियों तथा मनोनीत सदस्यों ने भाग लिया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव ने भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सहभागिता कर अपने सुझाव दिए।
बैठक में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके तहत चंडीगढ़ में कश्मीर एवं लद्दाख उत्सव, राजस्थान में पंजाब उत्सव तथा कश्मीर में राजस्थान उत्सव आयोजित करने की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलाग्राम, चंडीगढ़ में टैगोर कल्चरल कॉम्प्लेक्स योजना के अंतर्गत ऑडिटोरियम निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसकी लगभग 40 प्रतिशत राशि (करीब 5.6 करोड़ रुपये) चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस निर्णय का सभी सदस्यों ने स्वागत करते हुए प्रशंसा की।
इसके अतिरिक्त, सदस्य राज्यों के लोक कलाकारों एवं युवा कलाकारों को दिए जाने वाले वार्षिक पुरस्कारों को भी अनुमोदित किया गया। कुल 12 लाख रुपये की पुरस्कार राशि केंद्र के अध्यक्ष एवं माननीय राज्यपाल द्वारा अपने कोष से प्रदान की जाती है, जो इस केंद्र की एक विशिष्ट पहल है।
बैठक में वर्ष 2024-25 के लिए 14.56 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2025-26 के लिए 15 करोड़ रुपये का कार्यक्रम व्यय प्रस्तावित किया गया। साथ ही 5.10 करोड़ रुपये के स्थापना व्यय को भी अनुमोदित किया गया।
पटियाला स्थित केंद्र के कार्यालय के 4 करोड़ रुपये के रेनोवेशन कार्य तथा आवंटित भूमि पर चारदीवारी निर्माण कार्य में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। कलाग्राम में 2.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुद्देशीय हॉल के टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नोडल दायित्व उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र को सौंपा गया था, जिसे केंद्र ने कुशलता एवं मितव्ययता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया। लगभग 2700 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम को विशेष ज्यूरी अवार्ड भी प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम 22.5 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट के स्थान पर मात्र 15 करोड़ रुपये में संपन्न किया गया।
माननीय अध्यक्ष श्री कटारिया ने अपने संबोधन में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आवश्यक बताते हुए युवाओं में प्रतिभा की पहचान के लिए एक सशक्त प्रणाली विकसित करने पर बल दिया।
बैठक में केंद्र द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों—राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला (चंडीगढ़), गीता जयंती (कुरुक्षेत्र), पटियाला संगीत समारोह, हरिवल्लभ संगीत समारोह (जालंधर), सिंधु दर्शन (लद्दाख), भारत पर्व (लाल किला), लोकरंग (जयपुर) तथा अन्य सांस्कृतिक आयोजनों की सराहना की गई। साथ ही मासिक नाट्य संध्या एवं तीज उत्सव के पुनर्जीवन के प्रयासों को भी सराहा गया।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने केंद्र की गतिविधियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। बैठक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ सम्पन्न हुई।