दिल्ली पब्लिक स्कूल, उदयपुर में कक्षा 9 से 12 के 1500 विद्यार्थियों के लिए राजस्थान स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा चलाए जा रहे अभियान ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूजडे के अंतर्गत आज एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया।
इस सत्र को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के विशेष जज श्री मनीष अग्रवाल ने संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान में विद्यार्थी अनेक प्रकार की साइबर समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी इन समस्याओं के निराकरण हेतु कानून में पोक्सो एक्ट 2012 तथा साइबर एक्ट 2000 के बारे में बताया, जिसकी सहायता लेकर विद्यार्थी स्वयं को सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा सोशल मीडिया पर किया जाने वाला दुर्व्यवहार छात्रों की मानसिक शांति व एकाग्रता को भंग कर देता है, जिसका प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष प्रभाव उसके अध्ययन व व्यक्तित्व विकास पर पड़ता है। वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराध के प्रति सतर्क, सावधान व शिक्षित रहने की आवश्यकता है। मोबाइल फोन का सोच-समझकर किया जाने वाला सदुपयोग ही इसका एक मात्र बचाव है।
प्रो वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि छात्रों को कानून की इन धाराओं का बोध होना अत्यंत आवश्यक है। जिसकी आवश्यकता पड़ने पर वे सहायता ले सकते हैं और स्वयं को सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।
प्राचार्य संजय नरवरिया ने अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर तथा उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया और कहा कि विद्यालय का प्रशासन अपने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए हर पल सजग व तत्पर रहता है। यदि कोई छात्र ऐसे साइबर अपराध का सामना समाज में कर रहा है तो वह निसंकोच अपने शिक्षकों की मदद ले सकता है। उन्होंने श्री मनीष अग्रवाल के मार्गदर्शन हेतु उनका आभार प्रकट किया।